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18% चढ़ गया यह शेयर, ₹837 पर आ गया भाव, आपका है दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • एचबीएल इंजीनियरिंग ने पिछले करीब 7 साल में निवेशकों को मालामाल कर दिया है
  • साल 2019 में इस शेयर की कीमत करीब 15 रुपये थी और आज 16 अक्टूबर को यह शेयर 837 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है
  • यानी इस दौरान इसमें 5480 पर्सेंट की तेजी देखी गई है

HBL Engineering Share: इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी एचबीएल इंजीनियरिंग के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 18% तक उछलकर 837 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इससे पहले बीते गुरुवार को यह शेयर 710.45 रुपये पर बंद हुआ था। शेयरों में यह तेजी टोनबो इमेजिंग (Tonbo Imaging) के आईपीओ को मिल रही जबरदस्त डिमांड है। एचबीएल इंजीनियरिंग की टोनबो इमेजिंग में बड़ी हिस्सेदारी है। आईपीओ के दूसरे दिन दोपहर 12 बजे तक टोनबो इमेजिंग का इश्यू 5.45 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस बीच, एचबीएल इंजीनियरिंग के शेयरों में ट्रेडिंग एक्टिविटी भी काफी बढ़ गईं। कंपनी के शेयरों का ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत 8.65 लाख शेयरों से करीब 14.9 गुना बढ़कर 1.29 करोड़ शेयरों पर पहुंच गया था। क्या आपके पास यह शेयर है। अगर हां… तो आइए जानते हैं डिटेल में..

लॉन्ग टर्म में जबरदस्त रिटर्न

एचबीएल इंजीनियरिंग ने पिछले करीब 7 साल में निवेशकों को मालामाल कर दिया है। साल 2019 में इस शेयर की कीमत करीब 15 रुपये थी और आज 16 अक्टूबर को यह शेयर 837 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। यानी इस दौरान इसमें 5480 पर्सेंट की तेजी देखी गई है। इस हिसाब से अगर किसी निवेशक ने 2019 में इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते और अब तक निवेश बनाए रखा होता, तो उसकी रकम बढ़कर करीब 56 लाख रुपये हो सकती थी।

जून तिमाही के नतीजे

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी जून 2026 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 638.03 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 601.77 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का नेट मुनाफा घटकर 109.14 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 143.35 करोड़ रुपये था। बता दें कि एचबीएल इंजीनियरिंग के कारोबार में रेलवे इलेक्ट्रॉनिक्स की भूमिका लगातार अहम हुई है। कंपनी रेलवे के लिए कवच सिस्टम से जुड़े काम में सक्रिय है। यह सिस्टम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने और संभावित टक्कर जैसी स्थितियों को रोकने में मदद करता है। कंपनी रेलवे के लिए ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी तकनीकों पर भी काम करती है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार से 1,626.25 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया था। इस सेगमेंट का मुनाफा 818.49 करोड़ रुपये रहा था।

बैटरी कारोबार भी अब तक मजबूत

एचबीएल इंजीनियरिंग ने बैटरी कारोबार को पूरी तरह नहीं छोड़ा है। कंपनी अब भी इंडस्ट्रियल बैटरियों के साथ डिफेंस और एविएशन से जुड़ी बैटरियों का कारोबार करती है। वित्त वर्ष 2026 में इंडस्ट्रियल बैटरी कारोबार से 1,416.22 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था। वहीं, डिफेंस और एविएशन बैटरियों से 211.58 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया। कंपनी अब इलेक्ट्रिक ड्राइव ट्रेन के सेक्टर में भी अपनी संभावनाएं तलाश रही है।

(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN