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1993 के मुंबई बम धमाकों में हुई थी नाना पाटेकर के भाई की मौत, कहा था- अगर संजय दत्त जिम्मेदार हुए तो मैं…

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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रुवार 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित नाना के घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज पुणे में राजकीय सम्मान के साथ होगा।  

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं रहे। नाना पाटेकर के अचानक निधन से हर कोई सदमे में है। गुरुवार 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित नाना के घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज पुणे में राजकीय सम्मान के साथ होगा। नाना पाटेकर के निधन के बाद हर कोइ उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर प्रोफेशनल लाइफ के साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहे हैं। वो उन स्टार्स में थे, जो बड़ी ही बेबाकी से अपनी बात रखते थे। लेकिन उनकी जिंदगी में एक दर्द ऐसा भी था, जिससे वो कभी निकल नहीं पाए। नाना पाटेकर ने 1993 के मुंबई बम धमाकों में अपने भाई को खो दिया था और इसके लिए वो संजय दत्त को जिम्मेदार मानते थे।

मुंबई बम ब्लास्ट में नाना ने अपने भाई को खो दिया था

नाना पाटेकर अक्सर अपने बेबाक बयानों और मजबूत नजरिए के लिए जाने जाते हैं। दरअसल, 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट में नाना ने अपने भाई को खो दिया था। peepingmoon.com के अनुसार, नाना के भाई जिस बस में सफर कर रहे थे उसमें एक बम रखा गया था। इसी बम ब्लास्ट में नाना के भाई की भी मौत हो गई थी। नाना ने उनके हाथ के कड़े से उन्होंने अपने भाई की बॉडी की पहचान की थी। अपने भाई की मौत का गम नाना कभी भूल नहीं पाए। कई इंटरव्यूज में नाना को उनके भाई की मौत पर बात करते देखा गया।

इसका हिंदू-मुस्लिम से कोई लेना-देना है

बता दें कि 12 मार्च 1993 को हुए उन 12 सीरियल ब्लास्ट में से एक था, जिसने शहर के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया था और बड़े पैमाने पर मौत और तबाही मचाई थी। इसमें नाना ने भाई की तो मौत हो गई, लेकिन उनकी पत्नी बच गईं। पाटेकर की पत्नी की जान इसलिए बच गई क्योंकि उन्होंने उससे पहले वाली बस पकड़ी थी। नाना ने बातचीत में बताया था, ‘मैं भविष्य में संजय दत्त के साथ काम नहीं करूंगा। 1993 में जो हुआ, उससे मुझे बहुत दुख हुआ था। मैं यह नहीं कह रहा कि दत्त इसके लिए जिम्मेदार हैं… लेकिन अगर उनकी थोड़ी भी भूमिका रही है, तो भी मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहता। यह कोई निजी मामला नहीं है, मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि मेरा भाई इसका शिकार हुआ था और न ही इसका हिंदू-मुस्लिम से कोई लेना-देना है; मैं यह उन सभी लोगों के लिए कर रहा हूँ जो उस दिन मारे गए थे। मेरी तरफ से उन्हें यही सजा मिल सकती है।’

टाडा और आर्म्स एक्ट के केस में फंसे थे संजय

कथित तौर पर, संजय दत्त को 1993 के मुंबई धमाकों के सिलसिले में अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था और उन्हें 6 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। 18 महीने जेल में बिताने के बाद, उन्होंने अपनी बाकी सजा पूरी करने के लिए मई 2013 में मुंबई की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। हालांकि, फरवरी 2014 में नाना पाटेकर ने दत्त की पैरोल बढ़ाए जाने की कड़ी आलोचना की थी।

नाना ने संजय दत्त संग दोबारा काम न करने की खाई थी कसम

फर्स्ट पोस्ट के अनुसार , नाना पाटेकर ने एक न्यूज चैनल को बताया था, ‘मैंने अपने 22 साल के करियर में उनके साथ काम नहीं किया है और भविष्य में भी उनके साथ काम नहीं करूंगा। सरकार जो चाहेगी वो करेगी। वे कह रहे हैं कि यह कानूनी है, आप इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। लेकिन मैं अपने अधिकार में जो भी होगा वो करूंगा।’

SOURCE : LIVE HINDUSTAN