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35 किलो वजन घटाने वाली लड़की ने बताए 6 कड़वे सच, जानें हर महीने कितना आया खर्च

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Source :- LIVE HINDUSTAN

वजन घटाने के लिए रूटीन और डायट में कई तरह के बदलाव किए जाते हैं। इंस्टाग्राम पर एक लड़की ने अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की है और उन्होंने 35 किलो वजन कम करने पर 6 कड़वे सच भी बताए हैं।

वजन घटाने के लिए व्यक्ति को मेहनत करने के साथ ही लाइफस्टाइल में काफी कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। अक्सर लोग वजन घटाने के फायदे के बारे में बात करते हैं, लेकिन वेट लॉस जर्नी में असल में जिन चीजों का सामना करना पड़ता है उनके बारे में कोई बात नहीं करता। 12 महीने में 35 किलो वजन करने वाली लड़की शैवी जैन ने इंस्टाग्राम पर वेट लॉस के 6 कड़वे सच बताए हैं, जो वजन घटाने वाले हर व्यक्ति को पता होने चाहिए।

35 किलो वजन घटाने वाली लड़की ने बताए 6 कड़वे सच

1) बताया कितना हुआ खर्च

शैवी ने बताया कि पर्सनल ट्रेनिंग, प्रोटीन, शुगर-फ्री स्नैक्स और हर समय पौष्टिक खाना खाने में लड़की के लगभग 10 से 12 हजार रुपये महीने के खर्च हो गए। उन्होंने पोस्ट में लिखा की वह एक लोअर मिडिल क्लास परिवार से हैं और उनकी कमाई भी बहुत सीमित थी। यह जानते हुए भी कि वह रुयपे उनके लिए कितना जरूरी है, इतने पैसे खर्च करना बहुत मुश्किल था।

2) डायट में बड़े बदलावों की वजह से पेट रहा खराब

वजन घटाने के लिए उन्होंने अपना डायट में कई छोटे-बड़े बदलाव किए। जिसकी वजह से उन्हें बहुत जल्दी कब्ज या दस्त की समस्या होने लगी। पेट की इन परेशानियों से बचने के लिए उन्होंने रोजाना फाइबर से भरपूर डायट ली।इसके लिए वह रोजाना चिया सीड्स और इसबगोल की भूसी खाती थीं।

3) वजन घटाने में रोजाना लगे 3 से 4 घंटे

लड़की ने बताया की वजन घटाने के लिए उन्हें रोजाना दिन के 3 से 4 घंटे लगते हैं। वह लिखती हैं कि अगर जिम, खाना पकाने और कपड़े धोने जैसे कामों को भी जोड़ लें तो इतना समय ज्यादातर लोगों के पास नहीं होता, खासकर ऑफिस जाने वालों के पास।

4) वजन घटाने को दी पहली प्राथमिकता

महिला ने 35 किलो वजन घटाने के लिए एक साल का समय लिया। इस पूरे एक साल तक काम, छुट्टियां, रिश्ते-सब कुछ फिटनेस के बाद आते थे। लड़की ने बताया की यह एक ऐसा जुनून है जिसे बनाए रखना उन लोगों के लिए बहुत मुश्किल है जो अकेले नहीं रहते या जिनके बच्चे हैं।

5) वजन वापस न बढ़ने देने का मानसिक दबाव

वजन कहीं दोबारा ना बढ़ जाए इसका मानसिक प्रेशर , वर्कआउट या डायट करने से भी ज्यादा मुश्किल है। वह कहती हैं कि उन्हें हमेशा ऐसा लगता है कि बस एक बार ‘चीट मील’ लेने से मेरा सारा घटा हुआ वजन वापस बढ़ सकता है। शैवी ने अपने पोस्प में लिखा है कि फिटनेस की इस दौड़ में इंसान शारीरिक रूप से कम, लेकिन मानसिक रूप से ज्यादा थक जाता है।

6) 35 किलो वजन घटाने के बाद भी नहीं मिली खुशी

अपने पोस्ट में शैवी ने लिखा कि अगर कोई उन्हें 35 किलो वजन कम करने से पहले यह बात बताते तो शायद उन्हें यकीन नहीं होता। लेकिन जिंदगी के हर पड़ाव पर नए संघर्ष आते हैं और वजन घटाने से सारी समस्याएं हल नहीं होती। हालांकि, वह मानती हैं कि कॉलर बोन दिखने के साथ रोना बिना कॉलर बोन के रोने से तो बेहतर ही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN