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60% से ज्यादा उछलेगा LIC का शेयर, 2 ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लो

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Source :- LIVE HINDUSTAN

LIC Share price: देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर में शुक्रवार को तूफानी तेजी देखी गई। इस शेयर को लेकर ब्रोकरेज भी बुलिश हैं। ब्रोकरेज एलारा सिक्योरिटीज का अनुमान है कि शेयर 60 पर्सेंट से जयादा उछल सकता है।

शेयर का परफॉर्मेंस

शुक्रवार को शेयर की बात करें तो करीब डेढ़ पर्सेंट बढ़कर 392.80 रुपये पर पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म एलारा ने बताया कि आम तौर पर बड़े कस्टमर सेगमेंट पर फोकस करने वाली LIC ने पिछले कुछ सालों में अपनी प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी में बदलाव करते हुए अधिक सम-एश्योर्ड (बीमा राशि) वाली नॉन-PAR पॉलिसी पर ध्यान देना शुरू किया है।

एलारा सिक्योरिटीज ने LIC पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹635 तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें लगभग 64% की बढ़त की संभावना है। वहीं, एमके (Emkay) ने LIC पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹550 तय किया है। एलआईसी शेयर के 52 हफ्ते हाई की बात करें तो 468.30 रुपये तक पहुंच गया। कहने का मतलब है कि शेयर का टारगेट प्राइस 52 हफ्ते के हाइई से भी अधिक है। बता दें कि अप्रैल 2026 में शेयर 361 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे?

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एलआईसी का मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़कर 13,492 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में एलआईसी का मुनाफा 10,987 करोड़ रुपये था। एलआईसी ने बताया कि तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 2,37,848 करोड़ रुपये हो गई, जो 2025-26 की समान अवधि में 2,22,864 करोड़ रुपये थी।

पहली वर्ष की प्रीमियम आय जून तिमाही में बढ़कर 9,217 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7,525 करोड़ रुपये थी। रिन्यूएबल प्रीमियम से आय बढ़कर 61,833 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 59,885 करोड़ रुपये थी।

जून तिमाही के दौरान सिंगल प्रीमियम से आय भी बढ़कर 56,369 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 51,923 करोड़ रुपये थी। कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,27,250 करोड़ रुपये हो गई, जो एक वर्ष पहले की समान अवधि में 1,19,200 करोड़ रुपये थी। हालांकि, कुल खर्च भी बढ़कर 2,25,573 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की जून तिमाही में 2,11,928 करोड़ रुपये था।

इस दौरान एलआईसी की बीमा दावों के निपटान की क्षमता यानी सॉल्वेंसी अनुपात सुधरकर 2.42 गुना हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 2.17 गुना था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN