Source :- LIVE HINDUSTAN
इराक की गुफा में 75 हजार साल पुराना एक कंकाल पाया गया है। उसपर शोध से पता चलता है कि कत्ल के इरादे से एक 45 साल के युवक पर वार किया गया था। उसके कंधे में गोल छेद मिला है।
बगदाद, एजेंसी।
इराक की एक गुफा में पुरातत्वविदों को 75 हजार साल पुराना कंकाल मिला है। जांच में पता चला है कि इसका इतिहास सबसे पुरानी हिंसक घटना से जुड़ा है। उनके मुताबिक, करीब 45 साल के इस प्राचीन मानव (नेअंडरथल) की मौत सीने पर लकड़ी का नुकीला भाला लगने से हुई हो सकती है। कंकाल के कंधे की हड्डी में मिला गोल छेद इस आशंका को मजबूत करता है। यह वार जान लेने के इरादे से किया गया हो सकता है।
इतिहास का सबसे पुराना मर्डर
यह खोज इंसानी इतिहास में जानबूझकर की गई हिंसा के सबसे पुराने संभावित मामलों में से एक हो सकती है। यह कंकाल इराक की शानिदार गुफा में मिला था। यह जगह प्राचीन मानवों के अवशेषों और उनके दफनाने की परंपराओं से जुड़ी खोजों के लिए जानी जाती है। इस गुफा में मिले अवशेष बताते हैं कि वे अपने मृतकों को यहां बार-बार लेकर आते थे और उन्हें दफनाते थे। पुरातत्वविदों ने इस कंकाल का नाम ‘शनिदार ए’ रखा है। हालांकि, कंकाल पूरा नहीं है। इसमें दायां हाथ लगभग पूरा, तीन पसलियां, छह दांत और बाएं कंधे की हड्डी शामिल थी।
इनकी जांच के दौरान उनकी नजर कंधे की हड्डी के किनारे पर बने एक गोल छेद पर पड़ी। इसका व्यास करीब 1.5 सेंटीमीटर था। छेद के पास हड्डी का एक छोटा गोल टुकड़ा भी मिला, जो ऐसा लग रहा था मानो किसी नुकीली चीज ने उसे बाहर की ओर धकेल दिया हो। पुरातत्वविदों ने यह भी जांचा कि कहीं यह छेद मौत के काफी समय बाद तो नहीं बना। उन्होंने पाया कि चोट का आकार और बनावट इशारा करती है कि यह चोट मौत के आसपास के समय लगी थी।
जीवन केवल जीवित रहने के संघर्ष तक सीमित नहीं
पुरातत्वविदों की यह खोज बताती है कि उस दौर में जीवन केवल जीवित रहने के संघर्ष तक सीमित नहीं था। चोट, देखभाल, सामाजिक संबंध और मौत से जुड़ी परिस्थितियां भी काफी जटिल थीं। गौरतलब है कि शानिदार गुफा में इससे पहले भी गंभीर चोट वाला नेअंडरथल का कंकाल मिल चुका है। वर्ष 2009 में पुरातत्वविदों ने एक वयस्क पुरुष के अवशेषों का अध्ययन किया था। उसकी एक पसली पर कट मिला था।
सामने से हुआ होगा वार
पुरातत्वविदों का अनुमान है कि भाला सामने की ओर से सीने में घुसा होगा। यह जानबूझकर किया गया जानलेवा वार हो सकता है। एक संभावना यह भी है कि भाला फेंककर मारा गया हो या पास से जोर लगाकर शरीर में घोंपा गया हो। हालांकि, वैज्ञानिक यह तय नहीं कर पाए हैं कि इस घटना में किसी दूसरे नेअंडरथल ने हमला किया था या यह शिकार के दौरान हुआ हादसा था।
दांतों की चोट से पता चला
खोज में मिले छह दांत काफी घिसे हुए थे। सामने का एक दांत जीवनकाल में ही टूटकर दो हिस्सों में बंट गया था। उस पर मैल की मोटी परत भी मिली है। इससे पता चलता है कि दांत टूटने के बाद भी यह व्यक्ति एक साल या उससे अधिक समय तक जीवित रहा होगा। अनुमान है कि उसके चेहरे पर कभी गंभीर चोट लगी थी, जिससे जबड़े को भी नुकसान पहुंचा हो सकता है।
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