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8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस कैलकुलेशन में हो सकता है बड़ा बदलाव, ₹21,000 की डिमांड से बढ़ेगी रकम?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के बीच बोनस को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों के संगठनों ने बोनस की मौजूदा सीमा बढ़ाने और इसकी गणना के तरीके में बदलाव की डिमांड की है। अगर सरकार इन मांगों पर विचार करती है, तो आने वाले समय में पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की रकम मौजूदा व्यवस्था से ज्यादा हो सकती है। दरअसल, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त को जारी अधिसूचना में वेतन संहिता, 2019 के तहत बोनस की गणना से जुड़े प्रावधानों पर स्थिति स्पष्ट की है। इसके अनुसार जिन पात्र कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी ₹7,000 प्रति माह से ज्यादा है, उनके बोनस कैलकुलेशन ₹7,000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो ज्यादा होगी, उसके आधार पर की जाएगी।

इसी बदलाव के बाद नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) से जुड़े कर्मचारी संगठन ने केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की अधिकतम गणना सीमा बढ़ाने की मांग उठाई है। NC-JCM के स्टाफ साइड ने 27 अगस्त 2026 को सरकार को पत्र लिखकर मौजूदा ₹7,000 की बोनस सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 करने का अनुरोध किया है। संगठन चाहता है कि संशोधित बोनस का भुगतान आगामी दशहरा से पहले किया जाए। दशहरा इस साल 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा और आमतौर पर इसी अवधि के आसपास केंद्रीय कर्मचारियों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), Non-PLB और Ad-hoc बोनस से जुड़े आदेश जारी किए जाते हैं।

वहीं, ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने बोनस की कैलकुलेशन के लिए एक अलग सुझाव दिया है। उनका कहना है कि अगर सरकार बोनस की गणना के लिए ₹7,000 से ज्यादा न्यूनतम मजदूरी को आधार बनाती है, तो यही सिद्धांत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर भी लागू होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर उन्होंने ₹18,000 के न्यूनतम बेसिक वेतन को आधार मानते हुए ₹18,000 × 30 ÷ 30.4 = करीब ₹17,763 का बोनस बताया है। उन्होंने वेतन आयोग के सामने बोनस को ₹27,694 तय करने की मांग भी रखी है।

पटेल का सुझाव है कि अलग-अलग सेक्टर के लिए तय न्यूनतम बेसिक वेतन को बोनस की गणना का आधार बनाया जाए। अगर सरकार इस तरह की व्यवस्था स्वीकार करती है, तो भविष्य में बोनस की रकम बढ़ने की संभावना बन सकती है। हालांकि, अभी इन मांगों को सरकार की मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक बोनस की रकम फिलहाल तय नहीं मानी जा सकती।

8वें वेतन आयोग के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। एक तरफ NC-JCM ₹21,000 की सीमा चाहता है, जबकि कर्मचारी संगठनों की ओर से बोनस की कैलकुलेशन के लिए ज्यादा बेसिक वेतन या न्यूनतम मजदूरी को आधार बनाने की मांग की जा रही है। अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार और लागू नियमों पर निर्भर करेगा। अगर सरकार इन प्रस्तावों को स्वीकार करती है, तो त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN