Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अब 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं
- उम्मीद है कि रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आ सकती है
- DA जुलाई 2023 में 46% था, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 60% हो गया है
करीब एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच हर दिन फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी, डीए, डीआर, पेंशन आदि को लेकर सुर्खियां बनी रह रही है। अब जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उसे देखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बड़े फिटमेंट फैक्टर को लेकर काफी बढ़ गई हैं।
DA 46% से 60% तक पहुंचा
केंद्रीय कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, महंगाई भत्ता यानी DA जुलाई 2023 में 46% था, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 60% हो गया है। बीच में यह 50%, 53%, 55% और 58% तक गया। इससे साफ है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और कर्मचारियों की जेब पर दबाव पड़ रहा है।
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है, जिसे पुराने मूल वेतन पर लगाकर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जबकि छठे वेतन आयोग में 1.86 रहा था। इस बार कई कर्मचारी यूनियनें इसे और ऊंचा करने की मांग कर रही हैं।
किसने कितना मांगा फिटमेंट फैक्टर
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। जबकि, नेशनल काउंसिल-JCM (NCJCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने 3.833 की मांग की है।
NC-JCM स्टाफ साइड ने फिटमेंट फैक्टर 3.833 और न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये की मांग की है। भारत पेंशनर्स समाज ने भी 3.83 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है। मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन, सर्वे ऑफ इंडिया ने 3.61 का फैक्टर मांगा है।
DA/DR को बेसिक सैलरी में मिलाने की मांग
यूनियनों ने सिर्फ फिटमेंट फैक्टर तक सीमित नहीं रहा। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स यानी FNPO ने एक पर्मानेंट पे रिव्यू बॉडी बनाने का सुझाव दिया है। इसका काम यह होगा कि जब भी DA या DR 50% तक पहुंचे, तो 90 दिन के अंदर संशोधित फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की जाए। साथ ही, DA/DR 25% से ऊपर जाने पर उसे मूल वेतन में मिलाने की बात कही गई है।
भारत पेंशनर्स समाज ने भी कहा है कि जब DR 25% से ऊपर हो जाए, तो उसे मूल पेंशन में मिला दिया जाना चाहिए। इसका मकसद यह है कि समय-समय पर होने वाले वेतन संशोधन महंगाई के सामने कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति को पूरी तरह बचा नहीं पाते।
अगली बड़ी बैठक 22 और 23 अक्टूबर को
बता दें 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में सलाह-मशविरे की अहम बैठक की। अब अगली बड़ी बैठक 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। पिछले 11 महीनों में दिल्ली, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी समेत कई जगहों पर बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में कई यूनियनों और एसोसिएशनों ने महंगाई का मुद्दा उठाया और कहा कि वेतन संशोधन में इसका असर जरूर दिखना चाहिए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की जिंदगी आसान हो सके।
अब आगे क्या होगा?
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अब 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आ सकती है। इसके बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। यानी अभी यह सारी बातें मांगों और सिफारिशों के स्तर पर हैं। असली खुशखबरी तब आएगी, जब आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और सरकार उसे मंजूरी देकर नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू करेगी।
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