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8th Pay Commission: चंडीगढ़ की मीटिंग खत्म, 3.5 फिटमेंट फैक्टर, 4 बार DA बढ़ाने की मांग!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission: 8वें पे कमीशन की चंडीगढ़ में हुई मीटिंग समाप्त हो चुकी है। यह बैठक 16 सितंबर को शुरू हुई थी। 18 सितंबर यानी कल समाप्त हो गई। आने वाले समय में आयोग की बैठक बेंगलुरू में होगी। इन बैठकों में सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर ही रहता है। कर्मचारी और पेंशनर्स से जुड़े संगठन लगातार अधिक से अधिक फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग कर रहे हैं। आइए समझते हैं कि अगर अधिक फिटमेंट फैक्टर रहता है तो उसका असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर कैसे पड़ेगा?

अगर फिटमेंट फैक्टर 3.5 रहता है तब की स्थिति (8th Pay Commission Fitment Factors)

मान लीजिए 8वें पे कमीशन ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2.75 फिटमेंट फैक्टर रखा है। इस स्थिति में बेसिक पे 18000 रुपये से बढ़कर 49500 रुपये हो जाएगा। वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 3.5 रहा तब की स्थिति में बेसिक पे 63000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यानी 135000 रुपये का अंतर आ जाएगा। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन लगातार अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। बता दे, 6वें वेतन आयोग के दौरान 1.86 फिटमेंट फैक्टर रखा गया था। जबकि 7वें पे कमीशन के दौरान फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था।

डीए को लेकर भी की जा रही है मांग (8th Pay Commission DA Demand)

कुछ संगठनों की तरफ से डीए को लेकर अलग-अलग डिमांड की गई है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) नें आयोग से मांग की है कि मौजूदा 12 महीने की औसत की जगह 6 महीने की औसतन प्राइस इंडेक्स को रखा जाए। जिससे डीए को ट्रैक करना ज्यादा आसान बन सके।

इसके अलावा 25 प्रतिशत डीए होने पर इसका मर्जर बेसिक पे के साथ कर दिया जाए। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है। इसके अलावा कुछ संगठनों ने एक साल में 4 बार डीए बढ़ाने की मांग की है। इस समय केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में सिर्फ दो बार इजाफा किया जाता है। एक बार जनवरी और दूसरी जुलाई में डीए बढ़ोतरी होती है।

फैमिली यूनिट को 5 करने की मांग (8th Pay Commission Family Unit)

केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों को कहना है कि फैमिली यूनिट को 5 किया जाए। मौजूदा समय में 3 फैमिली यूनिट है। इसके पीछे जो तर्क दिया जा रहा है उसके अनुसार माता-पिता की भी जिम्मेदारी है।

इन सबके अलावा हर 5 साल में चयन वेतन मान की मांग उठ रही है। मौजूदा नियमों के अनुसार यह 10 साल पर है। बता दें, संगठनों का कहना है कि एचआरए भी बढ़ाया जाए। शुरुआती लेवल के कर्मचारियों को और एचआरए मिलना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN