Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- आठवें वेतन आयोग से एक स्थायी वेतन समीक्षा निकाय बनाने की मांग की गई है
- प्रस्ताव के मुताबिक जब महंगाई भत्ता 50 फीसदी तक पहुंच जाए तो निकाय 90 दिनों के भीतर वेतन में संशोधन के लिए नया फिटमेंट फैक्टर सुझाए
- हालांकि, इस प्रस्ताव पर वेतन आयोग कितना अमल करता है, ये आने वाला वक्त बताएगा
8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवें वेतन आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में अगली बैठक मुंबई में होने वाली है। इस बैठक से पहले वेतन आयोग के सामने एक अहम प्रस्ताव आया है। इस प्रस्ताव में एक स्थायी वेतन समीक्षा निकाय बनाने की मांग की गई है। प्रस्ताव के मुताबिक इस निकाय के पास कुछ खास परिस्थितियों में नया फिटमेंट फैक्टर सुझाने का अधिकार होना जरूरी है। आइए डिटेल में जान लेते हैं इस मांग के बारे में और इसका केंद्रीय कर्मचारियों पर कैसे असर पड़ेगा।
90 दिन में नया फिटमेंट फैक्टर
राष्ट्रीय डाक संगठनों के संघ (FNPO) के प्रस्ताव के मुताबिक जब महंगाई भत्ता (DA) या महंगाई राहत (DR) 25 फीसदी से ज्यादा हो जाए, तो इसे बेसिक सैलरी या पेंशन में मिला दिया जाए। इसके अलावा, संगठन ने एक स्थायी वेतन समीक्षा निकाय बनाने की मांग की है। इसका काम होगा कि जब DA या DR 50 फीसदी तक पहुंचे, तो 90 दिनों के भीतर वेतन में संशोधन के लिए नया फिटमेंट फैक्टर सुझाया जाए।
इसी तरह, भारत पेंशनर्स समाज ने भी मांग की है कि DR के 25 फीसदी से ज्यादा होने पर उसे बेसिक पेंशन में जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार किया जाए। इसके साथ ही भारत पेंशनर्स समाज ने 3.83 के फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। इन मांगों का मकसद यह है कि महंगाई बढ़ने से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन की खरीदने की क्षमता कम न हो और वेतन-पेंशन में बदलाव के लिए अगले वेतन आयोग तक इंतजार करने की मजबूरी कम हो। हालांकि, ये फिलहाल संगठन की मांगें और प्रस्ताव हैं, सरकार ने इन्हें मंजूरी नहीं दी है।
मुंबई में होने वाली है बैठक
आठवां वेतन आयोग अब 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में अहम चर्चा करेगा। दशहरा के ठीक बाद होने वाली इस बैठक में वेतन आयोग से कई अहम डिमांड की जा सकती है। बता दें कि 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से पिछले 11 महीनों में इस पैनल ने दिल्ली, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी सहित पूरे भारत में कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं।
इन बैठकों में, कई यूनियनों और संघों ने बढ़ती महंगाई से जुड़ी अपनी समस्याओं को उठाया है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग से आग्रह किया है कि वे इन मुद्दों पर विचार करें, ताकि केंद्र सरकार के मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन-स्तर में सुधार हो सके। बहरहाल, ऐसा माना जा रहा है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें अगले साल की पहली छमाही में सरकार को सौंप देगा। इसके बाद सरकार सिफारिशों को लागू करने पर फैसला लेगी।
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