Source :- LIVE HINDUSTAN
आजकल स्ट्रेस और एंग्जाइटी की वजह से नींद ना आना एक आम समस्या बन गई है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो डॉक्टर की बताई ये टिप्स आपको जरूर जाननी चाहिए।
आजकल बढ़ते स्ट्रेस और एंग्जाइटी की वजह से नींद ना आना काफी कॉमन हो गया है। बहुत लोग ये शिकायत करते हैं कि बिस्तर पर लेटते ही उनके मन में अजीब-अजीब ख्याल शुरू हो जाते हैं, वो ओवरथिंकिंग में घुस आते हैं; जिससे नींद भी तुरंत गायब हो जाती है। कई बार लोगों को अजीब सा डर लगने लगता है, जिसे ‘स्लीप एंग्जाइटी’ का नाम भी दिया जा सकता है। नींद ना आने की वजह से अगला दिन भी खराब हो जाता है, सुबह ऑफिस या कम की टेंशन सताने लगती है। ऐसे में इलाज क्या है? कुछ लोग नींद की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन वो कोई सेफ और परमानेंट ऑप्शन नहीं है। ऐसे में यहां हम आपके साथ कुछ टिप्स साझा कर रहे हैं, जो नेचुरल तरीके से अच्छी नींद लाने में आपकी मदद करेंगे।
अपने नेगेटिव विचारों को चैलेंज करें
डिप्रेशन या एंग्जाइटी में नेगेटिव विचारों का आना काफी कॉमन है, खासकर सोते समय। ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए कि ऐसे नकारात्मक विचारों को पहचाने और उन्हें सोचे ही ना। लेकिन अगर फिर भी बार-बार ऐसे विचार आ रहे हैं, तो उन्हें चैलेंज करें। खुद से सवाल करें कि या वाकई स्थिति इतनी गंभीर है। अगर हां, तो उससे भी कुछ बड़ा सोचें यानी सबसे बुरे परिणाम के बारे में सोचें, अपने डर को फेस करें; तब आप इससे उबर पाएंगे।
ब्रीदिंग पर फोकस करें
अगर आपको बेचैनी या घबराहट हो रही है, तो रिलेक्स हो कर जमीन पर योगा पोज में बैठ जाएं। अब लंबी और गहरी सांस लें और अपना सारा ध्यान इनपर केंद्रित करें। जब आप ऐसा करते हैं तो तुरंत माइंड शांत हो जाता है।
रोजाना एक्सरसाइज करना
डॉ सलीम जैदी बताते हैं कि अगर आप डिप्रेशन, एंग्जाइटी या किसी भी तरह के तनाव से जूझ रहे हैं तो नियमित एक्सरसाइज जरूर करें। ज्यादा नहीं तो कम से कम 30 मिनट ही सही। किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करने से फील गुड हार्मोन रिलीज होता है, जिससे आप बेहतर महसूस करेंगे।
खानपान पर ध्यान दें
आप क्या खाते हैं उसका असर आपकी मेंटल हेल्थ और विचारों पर भी पड़ता है। ऐसे में अगर आपको डिप्रेशन या एंग्जाइटी की समस्या है तो जंक फूड, मांसाहारी या ज्यादा तला-भुना प्रोसेस्ड फूड खाने परहेज करें। इसकी जगह वेजिटेरियन और नेचुरल फूड को प्राथमिकता दें।
आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स ले सकते हैं
आप किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह से कुछ हर्ब्स या सप्लीमेंट ले सकते हैं। कई आयुर्वेदिक हर्ब्स हैं जैसे शंखपुष्पी, अश्वगंधा, जटामांसी और ब्राह्मी; जो दिमाग को शांत करने में मदद करती है और बेहतर नींद में सहायक होती हैं।
प्रकृति के साथ कुछ समय बिताएं
हमारा शरीर पंचतत्वों से मिलकर बना हुआ है। अग्नि, जल, आकाश, पृथ्वी और वायु तत्व। ऐसे में जब आप इन तत्वों के संपर्क में आते हैं, उतना ही बेहतर महसूस होता है। इसलिए कोशिश करें, अपना कुछ समय प्रकृति के बीच बिताएँ। गार्डेनिंग करना या ठंडे पानी से नहाना भी आपको काफी सुकून दे सकता है।
अपनी भावनाओं को व्यक्त करें
सबसे जरूरी है कि अपनी भावनाओं को, आपके मन में जो भी चीजें चल रही हैं; उन्हें किसी भरोसमंद व्यक्ति के साथ साझा करें। खुद की फीलिंग आप जिस दिन एक्सप्रेस कर देंगे, आपको काफी हल्का महसूस होगा।
स्क्रीन टाइम कम करें
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अपने स्क्रीन टाइम को कम करने की कोशिश करें। फोन या लैपटॉप पर बैठे रहने की बजाए कुछ ऐसी चीजें करें, जिनमें आपको खुशी मिलती हो और आपका ध्यान लगता है। खासकर रात में सोने से कम से कम एक घंटा पहले तो आपको हर तरह की स्क्रीन से दूरी बना लेनी चाहिए। इससे नींद आने में समस्या होती है और स्लीप क्वालिटी भी प्रभावित होती है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



