Source :- LIVE HINDUSTAN
तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से ज्यादातर लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में लू से बचने के लिए लाल प्याज और कच्चे आम की देसी चटनी बनाने का तरीका बता रहे हैं, ये चटनी लू से बचाएगी और खाने का स्वाद भी बढ़ाएगी।
तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को बीमार कर रही हैं। भारत के कई हिस्सों में तापमान दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से सनबर्न या हीटस्ट्रोक से पीड़ित लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हीट वेव के संपर्क में आने से शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है, जिससे लू लगती है। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से सिरदर्द, थकान, बुखार, चक्कर आना, कमजोरी, जी मिचलाने की दिक्कत हो सकती है। इस समस्या से बचाव के लिए सही खानपान जरूरी है। अगर आप लू की दिक्कत से बचना चाहते हैं तो यहां बताई चटनी को खाने में शामिल करें। ये चटनी लाल प्याज और कच्चे आम से तैयार होती है। इसमें पुदीने का इस्तेमाल भी किया जाता है जो गर्मियों के लिए एक बेहतरीन सुपरफूड साबित हो सकता है। यहां सीखिए बिना मसाले के बनने वाली इस चटनी को बनाने का सिंपल तरीका।
लाल प्याज और कच्चे आम की चटनी बनाने की सामग्री
इस प्याज को बनाने के लिए आपको चाहिए 4 से 5 मीडियम साइज की प्याज, 4 से 5 खट्टे-मीठे कच्चे आम, तीन से 4 हरी मिर्च, एक मुट्ठी पुदीने की पत्तियां और नमक।
लाल प्याज और कच्चे आम की चटनी बनाने की विधि
लू से बचाने वाली चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले प्याज को छील लें और फिर अच्छी तरह से धो लें। अब कच्चे आम को भी अच्छे से धोएं और फिर इसे पानी में कुछ देर के लिए भिगो दें। 15-20 भीगने के बाद आम को छील लें और काट लें। आम की गुठलियों अलग कर दें। अब प्याज के बड़े टुकड़े, कच्चे आम और हरी मिर्च को ब्लेंडर में डालकर पीस लें। फिर इसमें नमक डालकर सर्व करें। इस चटनी को पराठे के अलावा दाल-चावल के साथ सर्व कर सकते हैं।
टिप
-अगर आपको चटनी में एक अलग फ्लेवर चाहिए तो आप प्याज और मिर्ची को आंच पर थोड़ा भूनकर बनाएं।
-चटनी को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए इसमें सरसों का तेल डाल सकते हैं।
-दाल में अलग फ्लेवर चाहते हैं तो तड़का लगाने के लिए भी इस चटनी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
लू लगने के कारण जानकर करें खुद का बचाव
1) बिना छाता या सिर ढके तेज धूप में बाहर निकलना।
2) लंबे समय तक गर्म हवाओं में रहना।
3) शरीर में पानी या नमक की कमी हो जाना।
4) बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करना।
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