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अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) ने FY26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹1,404.7 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी की आय 19% बढ़कर ₹14,160 करोड़ पहुंच गई, जबकि EBITDA भी नए उच्च स्तर पर रहा। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

देश की प्रमुख कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है। कंपनी ने गुरुवार को अपने इतिहास का सबसे ज्यादा तिमाही और सालाना मुनाफा दर्ज किया। मजबूत बिक्री, बढ़ती मांग और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के दम पर कंपनी ने निवेशकों और शेयरधारकों दोनों को खुश कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

जनवरी से मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 12.7% बढ़कर ₹1,404.7 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,245.87 करोड़ था। खास बात यह रही कि दिसंबर तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा करीब 76% उछल गया। इससे साफ है कि कंपनी की कमाई में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

कंपनी की आय यानी रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन (Revenue from Operations) भी शानदार रही। चौथी तिमाही में कंपनी की कुल आय 19% बढ़कर ₹14,160 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹11,907 करोड़ थी। वहीं, EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई भी बढ़कर ₹2,066 करोड़ पहुंच गई। पिछले साल यह आंकड़ा ₹1,791 करोड़ था। इससे पता चलता है कि कंपनी सिर्फ ज्यादा वाहन ही नहीं बेच रही बल्कि बेहतर मार्जिन के साथ कारोबार भी कर रही है।

अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का कुल मुनाफा 8% बढ़कर ₹3,566 करोड़ पहुंच गया, जबकि सालाना रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹44,007 करोड़ हो गया। EBITDA भी बढ़कर ₹5,732 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी के पास मौजूद नेट कैश बढ़कर ₹5,899 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹4,242 करोड़ था। यानी कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से और मजबूत हो गई है।

वाहनों की बिक्री के मामले में भी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) ने नया रिकॉर्ड बना दिया। कंपनी ने FY26 में कुल 2,20,437 कमर्शियल वाहन बेचे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले FY19 में 1,97,366 यूनिट्स की बिक्री हुई थी, यानी कंपनी ने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

लाइट कमर्शियल व्हीकल यानी LCV सेगमेंट में भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। FY26 में LCV बिक्री बढ़कर 74,322 यूनिट्स पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं एक्सपोर्ट बिजनेस में भी तेजी देखने को मिली और कंपनी ने 18,082 वाहन विदेशों में बेचे। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 18.5% ज्यादा है।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹2.50 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह डिविडेंड 26 जून 2026 तक शेयरधारकों के खातों में भेज दिया जाएगा। कंपनी ने बताया कि 3 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट रखा गया है, यानी इसी तारीख तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें डिविडेंड का फायदा मिलेगा। हालांकि, FY26 के लिए कोई फाइनल डिविडेंड नहीं दिया जाएगा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शेनू अग्रवाल ने कहा कि FY26 कंपनी के लिए ऐतिहासिक साल साबित हुआ है। कंपनी ने रेवेन्यू, मुनाफा, EBITDA और कैश जनरेशन सभी मामलों में रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि लगभग ₹6,000 करोड़ का कैश सरप्लस कंपनी को नई टेक्नोलॉजी, नए प्रोडक्ट और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निवेश करने की ताकत देगा।

लगातार तीन सालों से रिकॉर्ड प्रदर्शन करने के बाद कंपनी अब मार्केट शेयर बढ़ाने और टेक्नोलॉजी लीडरशिप मजबूत करने पर फोकस कर रही है। ऐसे में आने वाले समय में अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) से और मजबूत ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है।

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