Source :- LIVE HINDUSTAN
आयकर विभाग ने AY 2026-27 के लिए ITR-1, ITR-2 और ITR-4 की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा शुरू कर दी है। सीनियर सिटीजन के लिए सही ITR फॉर्म का चयन उनकी आय के स्रोत पर निर्भर करता है। पेंशन और ब्याज आय वाले ITR-1, कैपिटल गेन वाले ITR-2 और बिजनेस आय वाले ITR-3 भरते हैं।
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका है और लाखों टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न भरने की तैयारी में जुट गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (Assessment Year 2026-27) के लिए आयकर विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर चरणबद्ध तरीके से ITR फॉर्म उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं। 15 मई से ITR-1 और ITR-4 ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं, जबकि 27 मई से ITR-2 भी एक्टिव कर दिया गया है। हालांकि, ITR-3 भरने वाले करदाताओं को अभी कुछ और इंतजार करना होगा, क्योंकि यह फॉर्म अभी तक पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराया गया है।
हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन-सा ITR फॉर्म भरना चाहिए? खासकर वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए सही फॉर्म चुनना कई बार मुश्किल हो जाता है। लेकिन, अच्छी बात यह है कि ITR फॉर्म का चयन आपकी उम्र से नहीं, बल्कि आपकी आय के स्रोत (Income Source) से तय होता है।
अगर आपकी आय केवल पेंशन, ब्याज और अधिकतम दो मकानों से होने वाली आय तक सीमित है और कुल आय ₹50 लाख से कम है, तो आपके लिए ITR-1 (सहज) सबसे उपयुक्त फॉर्म है। यह सबसे सरल फॉर्म माना जाता है और अधिकांश पेंशनभोगी वरिष्ठ नागरिक इसी का उपयोग करते हैं।
वहीं, अगर आपने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या संपत्ति बेचकर पूंजीगत लाभ (Capital Gain) कमाया है या आपके पास दो से अधिक मकान हैं, तो आपको ITR-2 भरना होगा। यह फॉर्म उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिनकी आय के स्रोत थोड़े अधिक जटिल हैं।
अगर आप किसी व्यवसाय (Business) या प्रोफेशन से आय अर्जित करते हैं, जैसे डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट या कोई व्यापारी हैं, तो आपके लिए ITR-3 अनिवार्य होगा। दूसरी ओर अगर आप अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) के तहत टैक्स भरते हैं, तो ITR-4 (सुगम) आपके लिए सही विकल्प रहेगा।
अब बात करते हैं, उस महत्वपूर्ण सुविधा की, जिसका फायदा कुछ वरिष्ठ नागरिक उठा सकते हैं। 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन्स को आयकर कानून के तहत विशेष राहत दी गई है। ऐसे लोग कुछ शर्तों को पूरा करने पर ITR दाखिल करने से पूरी तरह बच सकते हैं।
इसके लिए उन्हें Form 125 भरना होगा, जिसे पहले Form 12BBA के नाम से जाना जाता था। यह सुविधा केवल भारत में रहने वाले 75 साल या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि उनकी आय केवल पेंशन और उसी बैंक से मिलने वाले ब्याज तक सीमित हो, जहां उन्होंने यह घोषणा जमा की है। अगर उनकी कोई अतिरिक्त आय है, जैसे किराया, पूंजीगत लाभ, व्यापारिक आय या अन्य कोई स्रोत, तो वे इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे और उन्हें सामान्य तरीके से ITR दाखिल करना होगा।
टैक्स स्लैब की बात करें तो पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) में वरिष्ठ नागरिकों को कुछ अतिरिक्त राहत मिलती है। 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बेसिक टैक्स छूट सीमा ₹3 लाख है, जबकि सामान्य करदाताओं के लिए यह ₹2.5 लाख है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह सीमा ₹5 लाख तक है।
हालांकि, नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) में वरिष्ठ नागरिकों और सामान्य करदाताओं के बीच कोई अलग छूट नहीं दी गई है। यहां सभी के लिए बेसिक छूट सीमा समान रूप से ₹4 लाख रखी गई है।
ऐसे में ITR फाइल करने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आपकी आय किस स्रोत से आती है और आपके लिए कौन-सा फॉर्म उपयुक्त है। सही फॉर्म चुनने से न केवल रिटर्न जल्दी प्रॉसेस होता है, बल्कि भविष्य में नोटिस या अन्य कर संबंधी परेशानियों से भी बचा जा सकता है।
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