Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/01/1200x900/ram_charan_ayyappa_deeksha_1780298051600_1780298052041_3c644163-646c-462d-ad0e-aae2eb45f372.jpgराम चरण साल में दो बार अयप्पा दीक्षा करते हैं। वह 45 दिन सात्विक जीवन जीते हैं और चप्पल तक नहीं पहनते। अब उन्होंने बताया है कि ऐसा करने की क्या वजह है और यह सिर्फ धर्म का मामला नहीं।
राम चरण की अयप्पा दीक्षा कई बार हेडलाइन्स में रह चुकी है। वह 45 दिन साधना करते हैं। इसमें कई चीजों का ध्यान रखा जाता है। इस दौरान राम चरण नंगे पैर रहते हैं, अयप्पा माला पहनते हैं, सात्विक खाना खाते हैं, जमीन पर सोते हैं और लाइफस्टाइल बहुत ही सिंपल रहती है। राम चरण ने पेड्डी के प्रमोशन के दौरान बताया कि वह अयप्पा की यह साधना क्यों करते हैं।
क्या है अयप्पा दीक्षा का प्रॉसेस
राम चरण टाइम्स नाऊ से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ जाह्नवी कपूर भी थीं। राम चरण से पूछा गया कि आरआर के बाद कुछ है जो प्रेशर क्रिएट करता है? इस पर उन्होंने जवाब दिया, जो कर चुके हैं वो रिक्रिएट करना मुश्किल होता है। हर प्रोजेक्ट की परिस्थितियां अलग होती हैं इसलिए हर बार एक सा जादू नहीं चल सकता। रिजल्ट हाथ में नहीं लेकिन प्रॉसेस एंजॉय की जा सकती है। हर साल अयप्पा दीक्षा करते हैं। 45 दिन अनुशासन में रहते हैं। यह पूरा प्रॉसेस क्या है? राम चरण बोले, ये मेरी ग्राउंडिंग है। मुझे लगता है कि मैंने खुद को वापस पा लिया है। पूरे साल में शायद यही एक समझदारी वाली चीज है, जो मैं करता हूं। यह मुझे बहुत ताकत देता है। 45 दिन तक ऐसा करने के बाद आगे की 6-7 महीने तक ये ताकत चलती है। मैं साल में दो बार ये करता हूं। साल में 90 दिन ये चलता है।
राम चरण बताए फायदे
राम चरण बोले कि यह उनके लिए धर्म से जुड़ा नहीं है बल्कि यह जीने का तरीका है। आपका थॉट प्रॉसेस चैनलाइज होता है। राम चरण ने बताया कि इस पीरियड में वह 45 दिन नंगे पैर भी रहते हैं। वह बोले, अगर आप पुराण देखेंगे तो हर चीज के लिए एक कारण है। तब समझ में आएगा कि हम जो कर रहे हैं वो क्यों कर रहे हैं। हम खुद की क्लींजिंग करते हैं। किसी भी बदलाव या शरीर में बदलाव होने में 45 दिन लगते हैं। हम डायटिंग तीन महीने के लिए करते हैं या 45 दिन से ज्यादा करते हैं। यह हमारे शरीर की हर सेल में बदलाव करता है।
मन भटकता है तो करते हैं अयप्पा दीक्षा
राम चरण बोले, ब्रीदिंग अच्छी होती है। क्लैरिटी आती है, मन शांत रहता है। अगर मन इधर-उधर जा रहा है तो मैं यह करता हूं। फिल्म के शूट के दौरान भी ऐसा होता है। जाह्नवी ने बताया कि पेड्डी की शूटिंग में राम चरण ने दो बार ऐसा किया। जाह्नवी बोलीं कि राम चरण फास्टिंग भी करते हैं लेकिन उनकी एनर्जी कैमरा पर एक टाइगर जैसी होती है। जाहन्वी ने बताया कि राम चरण कैमरा बंद होने पर बहुत शर्मीले और मासूम हैं। उनमें गहराई है और वह शांत रहना पसंद करते हैं।
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