Source :- LIVE HINDUSTAN
विदेशी निवेशकों ने इस साल 26 फरवरी से 20 मार्च के बीच भारत के सेंकेडरी मार्केट में 1,00,040 करोड़ रुपये की बिकवाली की। विदेशी निवेशकों ने प्रत्येक ट्रेडिंग घंटे में मार्केट से करीब 1000 करोड़ रुपये निकाले।
विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाली है। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाले हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और माइक्रो इकनॉमिक स्थिरता को लेकर चिंताएं खड़ी हो गईं। विदेशी निवेशकों (FII) ने 26 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच भारत के सेंकेडरी मार्केट में 1,00,040 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
हर घंटे करीब 1000 करोड़ रुपये की बिकवाली
26 फरवरी से 20 मार्च के बीच 16 ट्रेडिंग सेशंस हुए। हर ट्रेडिंग सेशन 6 घंटे का रहा, इस हिसाब से विदेशी निवेशकों ने प्रत्येक ट्रेडिंग घंटे में मार्केट से करीब 1000 करोड़ रुपये निकाले। साल 2026 में 50 ट्रेडिंग सेशंस में से विदेशी निवेशकों ने 33 में बिकवाली की है। यह बात मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में कही गई है।
2025 में विदेशी निवेशकों ने निकाले थे 2.4 लाख करोड़ रुपये
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) हाल के सालों में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों ने साल 2025 में भारत के सेकेंडरी मार्केट से 2.4 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं। 241 ट्रेडिंग सेशंस में से विदेशी निवेशकों ने 156 ट्रेडिंग सेशंस में बिकवाली की है। यानी, उन्होंने हर घंटे करीब 166 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। साल 2024 में विदेशी निवेशकों ने सेकेंडरी मार्केट में 1.29 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों ने 238 ट्रेडिंग सेशंस में से 134 सेशन में बिकवाली की। फॉरेन इनवेस्टर्स ने हर घंटे करीब 90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस वजह से बढ़ा बिकवाली का दबाव
बाजार के जानकारों का कहना है कि क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों, रुपये में आ रही गिरावट और ग्लोबल कैपिटल फ्लो के शिफ्ट होने जैसे वैश्विक और घरेलू कारकों की वजह से हाल में बिकवाली का दबाव बढ़ा है। विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार बिकवाली किए जाने के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) से मार्केट को बड़ा सपोर्ट मिला है। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस अवधि के दौरान 1,16,586 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीदारी की है। अगर घंटों के आधार पर देखें तो घरेलू निवेशकों ने हर घंटे करीब 1200 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि, घरेलू खरीदारी बाजार की गिरावट रोकने में नाकाम रही। इस अवधि के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में 10 पर्सेंट से अधिक की गिरावट देखने को मिली। BSE मिडकैप 150 इंडेक्स और BSE स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में क्रमश: करीब 7.5 पर्सेंट और 7.8 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है।
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