Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/02/1200x900/2_june_kumar_sanu_1780414395957_1780414401312_c63fc5d2-25ee-40c6-87b2-b42ee9ffb93c.jpgआज एक दिन में एक गाना रिकॉर्ड करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन 90 के दशक में एक सिंगर ने एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किए थे। क्या आप इस सिंगर काे जानते हैं?
‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’, ‘बस एक सनम चाहिए आशिकी के लिए’…अगर आप 90 के दशक के गानों के शौकीन हैं, तो ये गाने आपने जरूर सुने होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं इन गानों को अपनी आवाज देने वाले गायक का नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज है? नहीं! आइए आपको उनके इस रिकॉर्ड के बारे में बताते हैं।
कौन है ये सिंगर?
इस सिंगर का नाम कुमार सानू है। कुमार सानू का नाम पिछले 33 सालों से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। क्यों? दरअसल, कुमार सानू ने एक ही दिन में 28 गाने रिकॉर्ड किए थे। उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया था क्योंकि उन्हें अपना नाम गिनीज बुक में दर्ज कराना था। बल्कि इसलिए किया था क्योंकि वो 40 दिन के यूएस टूर पर जाने वाले थे और अपना सारा पेंडिंग काम खत्म करके जाना चाहते थे।
क्यों बदला अपना नाम?
चलिए आपको कुमार सानू के बारे में और दिलचस्प बातें बताते हैं। कोलकाता में जन्मे कुमार सानू का असली नाम सानू भट्टाचार्य है। दिग्गज संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी ने जब कुमार सानू की आवाज सुनी तो उन्होंने उन्हें अपना नाम बदलकर कुमार सानू रखने की सलाह दी क्योंकि उनका मानना था कि कुमार सानू का गाने का तरीका बिल्कुल किशोर कुमार की तरह है।
‘आशिकी’ ने रातों-रात बनाया सुपरस्टार
साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ के गानों ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री का इतिहास बदलकर रख दिया था। इस फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता ने कुमार सानू को रातों-रात स्टार बना दिया था। इसी फिल्म से उनकी कामयाबी का वो सिलसिला शुरू हुआ था जो लगातार आगे बढ़ता गया।
फिल्मफेयर अवॉर्ड
उन्हें साल 1991 से 1995 तक लगातार 5 साल फिल्मफेयर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड अपने नाम किया था। उन्हें ये अवॉर्ड ‘साजन’ (1991), ‘दीवाना’ (1992), ‘बाजीगर’ (1993) और 1942: ए लव स्टोरी (1994) के लिए मिले थे।
ठुकरा दिया था अवॉर्ड
लगातार पांच बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने के बाद, जब छठे साल भी कुमार सानू को नॉमिनेशन मिला, तो उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए इस अवॉर्ड को लेने से मना कर दिया। उनका मानना था कि अब ये सम्मान किसी नए और उभरते हुए कलाकार को मिलना चाहिए।
मिला पद्मश्री सम्मान
90 के दशक में कुमार सानू हर बड़े अभिनेता की पहली पसंद बन चुके थे। उन्होंने उस दौर के दिग्गज कलाकारों के लिए सैकड़ों सुपरहिट गाने गाए। उन्होंने न सिर्फ हिंदी और बंगाली में, बल्कि देश की 15 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए थे। उनके इस योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2009 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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