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नरेंद्र मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उदाहरण के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को दिया जा रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए भी लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना में ना सिर्फ बिजली फ्री में इस्तेमाल कर सकेंगे बल्कि बिजली को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।

सरकार का प्लान?

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को भरोसा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दिसंबर तक 75 लाख घरों में छतों पर सौर इकाई (रूफटॉप सोलर) लगाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। फिलहाल इस योजना के तहत करीब 41 लाख घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।

सरकार ने फरवरी, 2024 में इस योजना की शुरुआत 75,021 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ की थी। जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह योजना देश के ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही है और दो वर्षों में 40 लाख से अधिक परिवार इससे जुड़ चुके हैं। वहीं 65 लाख से अधिक आवेदन प्रक्रिया में हैं और अगले सात महीनों में 75 लाख घरों का लक्ष्य पाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।” उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कम और मध्यम आय वाले परिवारों को इस योजना का अधिक लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक सरकारी भवनों पर सौर इकाई लगाने का 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है और अब तक 53,874 भवनों में कुल 855 मेगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने से पहले जहां हर महीने करीब 7,000 रूफटॉप सोलर लगाए जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर तीन लाख से अधिक हो गई है। इसके साथ, मई 2026 में रिकॉर्ड 3.16 लाख सौर प्रणाली लगाई गईं।

क्या है योजना की डिटेल?

इस योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। योजना के तहत दो किलोवाट तक की सोलर सिस्टम पर 60 प्रतिशत और दो से तीन किलोवाट के बीच की क्षमता पर अतिरिक्त 40 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) दी जाती है। अधिकतम तीन किलोवाट तक सब्सिडी का लाभ मिलता है।

योजना को अपनाने के बाद 17 लाख से अधिक परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है जबकि उपभोक्ताओं ने अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर 421 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। योजना के तहत अब तक 22,750 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है, जिसमें अकेले 2,743 करोड़ रुपये मई 2026 में दिए गए।

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