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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे लंबी ऐतिहासिक वार्ता को लेकर अमेरिकी राजनयिक नताली बेकर ने पाकिस्तान की जमकर तारीफ की है और इसे इतिहास का सबसे शानदार पल बताया है। पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़ें।
पिछले दिनों इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत की मेजबानी करने को लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान की जमकर तारीफ की है। अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत नताली ए. बेकर ने इस कदम को पाकिस्तान के ‘आधुनिक इतिहास का सबसे शानदार पल’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि दो धुर-विरोधी देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत को मुमकिन बनाने में पाकिस्तान ने एक अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही बेकर ने कहा कि ‘एक मजबूत पाकिस्तान अमेरिका के लिए अच्छा है।’
1979 के बाद सबसे बड़ी वार्ता का गवाह बना इस्लामाबाद
अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए नताली बेकर ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि अप्रैल के महीने में इस्लामाबाद 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुई सबसे उच्च स्तरीय वार्ता का गवाह बना। बेकर ने कहा, “यह इस्लामाबाद के आधुनिक इतिहास का सबसे बेहतरीन पल था।”
सुरक्षा के लिए 10 हजार जवान हुए तैनात
इस ऐतिहासिक और संवेदनशील बातचीत को लेकर बेकर ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक वार्ता लगातार 21 घंटे तक चली। बातचीत के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के लिए पाकिस्तान ने 10 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया और कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया। बेकर के मुताबिक, पाकिस्तान के तेहरान और वाशिंगटन दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं और वह इस विवाद का हिस्सा नहीं है। इसी न्यूट्रल स्थिति के कारण पाकिस्तान दोनों विरोधियों को एक मेज पर लाने के लिए सबसे उपयुक्त जगह थी। इस संवेदनशील बातचीत के दौरान पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी मिशन ने लॉजिस्टिक्स, कम्यूनिकेशन और एक बड़े अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मदद करने में अहम भूमिका निभाई।
‘पाकिस्तानी अवाम के लिए भी यकीन करना था मुश्किल’
अमेरिकी राजनयिक ने बताया कि खुद कई पाकिस्तानियों के लिए भी इस बात पर यकीन करना मुश्किल था कि ऐसा कुछ हो रहा है। कई लोगों को यह किसी सपने जैसा लगा। उन्होंने पाकिस्तानी सहयोगियों के शानदार काम और उनके शांत दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा, “यह पाकिस्तान का पल था और वह इसमें पूरी तरह से खरा उतरा। मुझे आपके साथ काम करने पर गर्व है।”
मजबूत पाकिस्तान हमारे लिए अच्छा है… अमेरिका की दूत
पाकिस्तान में अमेरिका की शीर्ष राजनयिक नताली बेकर ने कहा, “एक मजबूत पाकिस्तान अमेरिका के लिए अच्छा है और एक मजबूत अमेरिका पाकिस्तान के लिए अच्छा है।” इस दौरान अमेरिकी राजनयिक ने 2025 के भारत-पाकिस्तान टकराव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के नेताओं की सूझबूझ और एक खतरनाक टकराव को कम करने और हालात को स्थिर करने की आपकी इच्छाशक्ति को वॉशिंगटन में भुलाया नहीं गया है। इसकी बहुत तारीफ की जाती है।”
शहबाज शरीफ और ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ
स्वतंत्रता दिवस के इस खास कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राजनयिक, कारोबारी और सिविल सोसायटी के लोग शामिल हुए। इस मौके पर बेकर ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने पीएम शेहबाज शरीफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग के जरिए दोनों देशों के आपसी रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं।
अमेरिकी दूत ने दोनों देशों को ‘सच्चा रणनीतिक साझेदार’ बताया। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता सिर्फ लेन-देन का नहीं है, बल्कि आपसी सम्मान और सुरक्षा व समृद्धि के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है। नताली ने बताया कि ट्रंप ने मई 2025 के सीजफायर का श्रेय शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व को दिया था और इसे युद्ध टालने में एक ‘बड़ा योगदान’ माना था।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सितंबर 2025 में ट्रंप ने ओवल ऑफिस (व्हाइट हाउस) में शहबाज शरीफ और मुनीर का स्वागत किया था, जो दोनों देशों की सरकारों के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों और ट्रंप के भरोसे को दर्शाता है। बेकर ने स्पष्ट किया कि ‘एक मजबूत पाकिस्तान अमेरिका के लिए अच्छा है।’
भारत के साथ युद्ध रुकवाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के शुक्रगुजार हैं शहबाज शरीफ, अमेरिका को बताया ‘खास दोस्त’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के 250वें स्थापना दिवस के मौके पर दोनों देशों के रिश्तों को ‘सच्चा और खास’ बताया है। इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की और पिछले साल भारत के साथ हुए तनाव के दौरान सीजफायर कराने के लिए उन्हें ‘शांति का दूत’ करार दिया।
भारत-पाक तनाव और ट्रंप की ‘निर्णायक’ भूमिका
शहबाज शरीफ ने भारत के साथ हुए चार दिवसीय संघर्ष का जिक्र किया। पाकिस्तानी पीएम ने यह दावा किया कि 10 मई को हुए सीजफायर में ट्रंप का ‘समय पर और निर्णायक’ हस्तक्षेप काफी अहम था। शरीफ ने कहा, “दक्षिण एशिया में शांति बहाल करने और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए हम हमेशा राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी रहेंगे। इस संदर्भ में उन्हें हमेशा एक शांति दूत के रूप में याद किया जाएगा।”
अमेरिका और पाकिस्तान के 8 दशक पुराने ‘खास रिश्ते’
शहबाज शरीफ ने याद दिलाया कि पाकिस्तान को मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में अमेरिका शामिल था। उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने मोहम्मद अली जिन्ना को बधाई पत्र भेजा था। शरीफ के मुताबिक, आठ दशकों के इस रिश्ते में सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के अलावा व्यापार, निवेश, कृषि, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सहयोग शामिल है।
उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में अफगानिस्तान पर सोवियत हमले से लेकर 2001-2021 तक ‘ग्लोबल वॉर ऑन टेरर’ जैसे ऐतिहासिक और अहम मौकों पर दोनों देशों ने मिलकर काम किया है। शरीफ ने पाकिस्तान में ‘हरित क्रांति’ (यूसी डेविस के जरिए), तारबेला बांध के निर्माण, लाहौर के LUMS जैसे उत्कृष्ट केंद्रों और बुनियादी ढांचे के विकास में अमेरिकी मदद की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि करीब 80 अमेरिकी कंपनियां पाकिस्तान में निवेश कर रही हैं और लगभग 10 लाख पाकिस्तानी-अमेरिकी अमेरिका को अपना ‘दूसरा घर’ मानते हैं।
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