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के अन्नामलाई

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तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष रहे अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफ़ा देने और एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की है.

सोशल मीडिया पर लाइव आकर अन्नामलाई ने कहा कि यह आंदोलन आगे चलकर एक राजनीतिक पार्टी का रूप लेगा.

उन्होंने बताया कि वे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और उसके बाद होने वाले आम चुनावों में हिस्सा लेंगे.

अन्नामलाई ने लोगों से ‘वी द लीडर’ आंदोलन से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि वह पहले से इस पहल से जुड़े रहे हैं.

उन्होंने कहा, “मेरी सबसे बड़ी इच्छा एक नया रास्ता और नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने की है. बीजेपी ने मुझे छह साल तक तमिलनाडु के लोगों के लिए काम करने का मौक़ा दिया. आज मैं उससे अलग हो गया हूँ.”

अन्नामलाई ने कहा, “2009 में छात्र जीवन के दौरान मैंने विजयकांत की डीएमडीके में तीन महीने इंटर्नशिप की थी. इसके बाद 2020 में बीजेपी में शामिल हुआ. आज मैं आपके सामने एक नया आंदोलन पेश कर रहा हूँ. मेरे बारे में कई तरह की ख़बरें चल रही हैं, इसलिए मैं ख़ुद स्थिति स्पष्ट कर रहा हूँ.”

‘रजनीकांत का फ़ोन आया था’

अन्नामलाई ने दो जून को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी

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अभिनेता रजनीकांत का ज़िक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा, “मैंने बीएल संतोष से वादा किया था कि मैं बीजेपी में शामिल होऊँगा. 2020 में बीजेपी में शामिल होने से एक दिन पहले रजनीकांत ने मुझे फ़ोन किया था, लेकिन मैंने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया.”

उन्होंने कहा, “मैं भारतीय पहचान वाला एक स्वाभिमानी तमिल हूँ. हर किसी को तमिलनाडु के विकास के लिए काम करना चाहिए. मैं हमेशा कहता रहा हूँ कि बीजेपी को अपनी तमिल पहचान बनाए रखने के लिए अकेले चुनाव लड़ना चाहिए.”

अन्नामलाई ने दावा किया कि उन्होंने पिछले दिसंबर में ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफ़े की जानकारी दे दी थी.

उन्होंने कहा, “पिछले 18 महीनों से मैं अपने मतभेद व्यक्त कर रहा था. पांच दिसंबर को मैंने पार्टी छोड़ने की सूचना दे दी थी.”

अन्नामलाई ने कहा, “तमिलनाडु को एक और राजनीतिक पार्टी की ज़रूरत है. जो लोग इस आंदोलन से जुड़ना चाहते हैं, वे वेबसाइट के माध्यम से जुड़ सकते हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि कोयंबटूर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा.

‘बीजेपी से असहमति होगी तो खुलकर राय रखेंगे’

तमिलनाडु चुनाव प्रचार के दौरान के अन्नामलाई ने  धर्मपुरी में आयोजित एक जनसभा के दौरान पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) उम्मीदवार सौम्या अंबुमणि का समर्थन किया (तस्वीर: 18 अप्रैल 2026)

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बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ” प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मेरा सम्मान है. लेकिन अगर तीन-भाषा नीति जैसे किसी मुद्दे पर बीजेपी से असहमति होगी, तो हम खुलकर अपनी राय रखेंगे.”

उन्होंने कहा कि औपचारिक रूप से इस्तीफ़ा देने के लिए उन्होंने अमित शाह से व्यक्तिगत मुलाक़ात की थी.

शुक्रवार सुबह बीजेपी नेतृत्व ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अन्नामलाई का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया है.

विज्ञप्ति में कहा गया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनकी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

इससे पहले अन्नामलाई ने कहा था, “मैं सोशल मीडिया के माध्यम से आप सभी से जुड़ने, विचार साझा करने और खुली बातचीत करने के लिए उत्सुक हूँ.”

उनके इस्तीफ़े को स्वीकार किए जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर चल रही कई अटकलों पर विराम लग गया.

दिल्ली यात्रा के दौरान अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी.

जब चेन्नई में पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे नई पार्टी शुरू करने जा रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया था, “मैं अगले दो दिनों में हर बात पर चर्चा करूँगा.”

अन्नामलाई का राजनीतिक सफ़र

2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद अन्नामलाई बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने थे.

उनके नेतृत्व में बीजेपी ने एआईएडीएमके से अलग होकर 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ा.

हालांकि पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन उसका वोट प्रतिशत बढ़कर 11 फीसदी से अधिक हो गया.

इसके बाद 2025 में अन्नामलाई ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ दिया और नैनार नागेंद्रन नए प्रदेश अध्यक्ष बने.

2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने फिर एआईएडीएमके के साथ गठबंधन किया.

माना जा रहा था कि अन्नामलाई चुनाव लड़ेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वे केवल प्रचार करेंगे.

इसके बावजूद बीजेपी सिर्फ़ एक सीट जीत सकी और उसका वोट प्रतिशत घटकर 3 फीसदी से नीचे आ गया.

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