पटना के प्रसिद्ध शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान, जिन्हें ‘खान सर’ के नाम से जाना जाता है, ने शनिवार, 6 जून 2026 को पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। यह कदम उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद उठाया गया।

**घटना का विवरण**

मुसल्लहपुर स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर मंगलवार, 3 जून 2026 की रात को गोलीबारी की घटना हुई थी। इस घटना में उनके गार्ड्स पर आरोप है कि उन्होंने फैसल खान के निर्देश पर गोली चलाई। इस मामले में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ([hindi.opindia.com](https://hindi.opindia.com/news-updates/khan-sir-surrenders-patna-civil-court-fir-attempt-to-murder-arms-act-khan-global-studies-firing-case/?utm_source=openai))

**पुलिस की कार्रवाई और खान सर का गायब होना**

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही बिहार पुलिस खान सर की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी। पुलिस ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इस दौरान यह चर्चा थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए खान सर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। ([livehindustan.com](https://www.livehindustan.com/bihar/patna-police-searched-khan-sir-all-night-he-running-away-will-faisal-khan-be-arrested-or-surrender-in-court-201780713444283.html?utm_source=openai))

**कोर्ट में आत्मसमर्पण**

इन अटकलों के बीच, खान सर अपने वकील के साथ पटना सिविल कोर्ट पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। उनके वकील ने पुष्टि की कि खान सर कोर्ट में उपस्थित हैं। ([abplive.com](https://www.abplive.com/states/bihar/khan-sir-surrenders-in-civil-court-in-coaching-firing-case-patna-bihar-news-ann-3141058?utm_source=openai))

**वकील का बयान**

खान सर के वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके मुवक्किल को फंसाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खान सर ने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया है।

**आगे की प्रक्रिया**

आत्मसमर्पण के बाद, खान सर के वकील जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे। कोर्ट में सुनवाई के बाद ही जमानत पर निर्णय लिया जाएगा। इस बीच, पुलिस मामले की जांच जारी रखेगी।

यह घटना पटना के शिक्षा क्षेत्र में हलचल का कारण बनी है, क्योंकि खान सर की कोचिंग संस्थान की देशभर में ख्याति है। मामले की जांच और कोर्ट की कार्रवाई के बाद ही इस विवाद पर पूर्ण विराम लगेगा।

इस बीच, खान सर के समर्थकों और छात्रों में चिंता बनी हुई है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि मामले का शीघ्र समाधान होगा और शिक्षा क्षेत्र में शांति बनी रहेगी।

इस घटना ने यह भी दर्शाया है कि शिक्षा संस्थानों के बाहर होने वाली घटनाओं का प्रभाव सीधे शिक्षकों और छात्रों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि शिक्षा का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे।

खान सर के आत्मसमर्पण के बाद, यह देखना होगा कि कोर्ट की प्रक्रिया और पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

इस बीच, खान सर के समर्थक और छात्र समुदाय मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि शिक्षा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

इस घटना ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या शिक्षा संस्थानों के बाहर होने वाली घटनाओं का प्रभाव सीधे शिक्षकों और छात्रों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि शिक्षा का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे।

मामले की जांच और कोर्ट की कार्रवाई के बाद ही इस विवाद पर पूर्ण विराम लगेगा। तब तक, सभी पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और निष्पक्ष जांच की उम्मीद करनी चाहिए।

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मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी, और सभी पक्षों को न्याय मिलेगा। तब तक, सभी को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और निष्पक्ष जांच की उम्मीद करनी चाहिए।

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