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Share Market Today Live 8 June 9:15 AM:अमेरिका, जापान और कोरिया के बाजारों में तबाही के बाद आज इंडिया स्टॉक मार्केट भी खुलते ही क्रैश हो गया है। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 821 अंकों का गोता लगाकर 73421 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 286 अंक लुढ़क कर 23080 पर खुला। सेंसेक्स पर सभी शेयर लाल हैं। दूसरी ओर भारतीय रुपया भी आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे कमजोर होकर 95.32 पर खुला

Share Market Today Live 8 June 8:00 AM: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़े तनाव और अमेरिका-ईरान युद्ध के और गहराने की आशंकाओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर मार्केट के क्रैश होने के संकेत हैं। वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 50 की भारी गिरावट के साथ ओपनिंग हो सकती है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए बड़ी गिरावट के संकेत

गिफ्ट निफ्टी 23,096 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले निफ्टी फ्यूचर्स बंद स्तर से करीब 356 अंक नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार सोमवार को तेज गिरावट के साथ खुल सकते हैं।

एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 करीब 3.7% टूटा और टॉपिक्स इंडेक्स 2.4% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8.4% और कोस्डैक में 7% से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं, हांगकांग बाजार में भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।

वॉल स्ट्रीट में मची भारी बिकवाली

अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को जोरदार गिरावट के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के चलते नैस्डैक अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज करने में रहा। डॉऊ जोंस 695 अंक टूटा और एसएंडपी 500 में 2.64% की गिरावट रही। नैस्डैक भी 4.18% फिसल गया।

बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला। एनवीडिया में 6.2% और AMD में 10.9% की गिरावट दर्ज की गई। टेस्ला 6.6% लुढ़का और मेटा 5.5% कमजोर रहा। अमेजन में 3% और माइक्रोसॉफ्ट 2.7% नीचे रहा।

ईरान-इजरायल तनाव ने बढ़ाई चिंता

ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इजरायल ने लेबनान के बेरूत के दक्षिणी हिस्से पर हमला किया। इससे अप्रैल में लागू संघर्ष विराम कमजोर पड़ता नजर आ रहा है और निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

कच्चा तेल फिर चढ़ा

मिडिल ईस्ट संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 95.42 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा और अमेरिकी WTI क्रूड 92.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऊंचे तेल दाम भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकते हैं।

RBI के फैसले का भी असर

पिछले सप्ताह RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखी, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया और GDP वृद्धि अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया। इसके बाद निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती

हालांकि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। जनवरी-मार्च तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8% रही, जो बाजार अनुमान से बेहतर है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में GDP वृद्धि 7.7% दर्ज की गई।

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