Source :- LIVE HINDUSTAN
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान समर्थित यमनी हूती विद्रोहियों ने सोमवार को इजरायल पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी लेते हुए लाल सागर में इजरायली जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस कदम से वैश्विक व्यापार के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर गंभीर व्यवधान की आशंका और बढ़ गई है।
मिडिल ईस्ट में तनाव के और बढ़ने के बीच ईरान समर्थित यमनी हूती विद्रोहियों ने सोमवार को इजरायल पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली और लाल सागर में इजरायली जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम से वैश्विक व्यापार के प्रमुख समुद्री मार्ग पर गंभीर व्यवधान की आशंका बढ़ गई है। हूतियों ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा कि हम लाल सागर में इजरायली समुद्री नौवहन पर पूर्ण और कुल प्रतिबंध की घोषणा करते हैं। दुश्मन की किसी भी गतिविधि को हम अपने सशस्त्र बलों के लिए वैध सैन्य लक्ष्य मानेंगे।” समूह ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इजरायली ठिकानों पर मिसाइलों की बौछार की, जिसमें हमले सटीक रहे।
दूसरी ओर इजरायली सेना ने पुष्टि की कि यमन से इजरायली क्षेत्र की ओर एक मिसाइल दागी गई थी। सेना के आधिकारिक बयान में कहा गया कि हवाई रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं और खतरे को रोकने का प्रयास कर रही हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल और ईरान के बीच सीधी गोलीबारी जारी है। 8 अप्रैल को लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बावजूद हूतियों का यह हमला क्षेत्रीय युद्धविराम की संभावनाओं को कमजोर कर रहा है और शांति वार्ता पर गहरा संकट पैदा कर दिया है।
यहां आपको बता दें कि हूतियों ने मार्च में आधिकारिक रूप से ईरान के समर्थन में संघर्ष में प्रवेश किया था। इजरायल-हमास युद्ध के दौरान उन्होंने लाल सागर में इजरायली हितों से जुड़े जहाजों पर बार-बार हमले किए थे, जिसके कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता अपनाना पड़ा था।
हूती विद्रोही ‘प्रतिरोध की धुरी’ का हिस्सा हैं, जिसमें लेबनान का हिजबुल्लाह भी शामिल है। यह गठबंधन इजरायल और अमेरिका का कड़ा विरोध करता है। हूतियों ने सितंबर 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। मार्च 2015 से सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के हस्तक्षेप के बाद यमन में गृहयुद्ध शुरू हुआ, जिसमें लाखों लोग मारे गए,जिस कारण गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया।
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