Source :- LIVE HINDUSTAN
बेंगलुरु स्थित क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) जल्द ही अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, लेकिन उससे पहले कंपनी ने अपने निवेशकों को कई बड़े जोखिमों के बारे में आगाह किया है। सोमवार को दाखिल किए गए अपडेटेड ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में जेप्टो (Zepto) ने साफ कहा है कि कंपनी की स्थापना जुलाई 2021 से लेकर अब तक हर फाइनेंशियल ईयर में घाटा हुआ है और आने वाले समय में भी उसे नुकसान और निगेटिव कैश फ्लो का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि वह यूजर बेस बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, नए प्रोडक्ट जोड़ने, प्राइवेट लेबल्स लॉन्च करने और डार्क स्टोर्स के नेटवर्क का विस्तार करने में भारी निवेश कर रही है। हालांकि, इन निवेशों से भविष्य में राजस्व बढ़ेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जेप्टो (Zepto) का घाटा FY26 में बढ़कर 5,905 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि FY25 में यह 4,699 करोड़ रुपये था। हालांकि, दूसरी तरफ कंपनी की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। FY26 में Zepto का ऑपरेशनल रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर 22,623 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 11,109 करोड़ रुपये था। मार्च 2026 तिमाही में भी कंपनी का घाटा घटकर 1,538 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व 75% से अधिक बढ़कर 7,497 करोड़ रुपये हो गया। यह दिखाता है कि कंपनी तेजी से कारोबार बढ़ा रही है, लेकिन मुनाफे तक पहुंचने का रास्ता अभी भी लंबा है।
IPO दस्तावेजों में सबसे बड़ी चिंता कानूनी और रेगुलेटरी जोखिमों को लेकर सामने आई है। Zepto ने खुलासा किया कि 8 अप्रैल 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के सह-संस्थापकों आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा को समन जारी किया था। ED ने विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग पैटर्न और बिजनेस मॉडल से जुड़ी जानकारी मांगी थी। कंपनी ने कहा कि उसने जवाब जमा कर दिया है और फिलहाल कोई नई सूचना नहीं मिली है, लेकिन भविष्य में जांच, कानूनी कार्रवाई या जुर्माने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा जेप्टो (Zepto) पर उपभोक्ता संरक्षण नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कंपनी पर कथित “डार्क पैटर्न” यानी ग्राहकों को भ्रमित करने वाले डिजाइन और प्राइसिंग तरीकों के इस्तेमाल को लेकर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इनमें बास्केट स्नीकिंग, भ्रामक विज्ञापन और ड्रिप प्राइसिंग जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, कंपनी ने इस आदेश को चुनौती दी है और फिलहाल उसे अंतरिम राहत मिली हुई है।
जेप्टो (Zepto) ने यह भी बताया कि उसका पूरा बिजनेस मॉडल उसके डार्क स्टोर्स नेटवर्क पर निर्भर करता है। कंपनी के पास फिलहाल 1,139 डार्क स्टोर्स हैं, जो 2024 में 337 और 2025 में 1,029 थे। अगर कंपनी इस नेटवर्क का विस्तार लागत-प्रभावी तरीके से नहीं कर पाती, तो इसका सीधा असर उसके कारोबार और वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।
Zepto की कहानी एक तरफ तेज ग्रोथ और बढ़ते रेवेन्यू की है, तो दूसरी तरफ भारी घाटे, कानूनी चुनौतियों और रेगुलेटरी जोखिमों की भी है। IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी होगा कि कंपनी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके सामने कई बड़ी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
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