Source :- LIVE HINDUSTAN
आगामी फीफा विश्व कप में खेल के साथ-साथ भावनाओं का भी संगम होगा। इस बार टूर्नामेंट में चार भाइयों की जोड़ियां शामिल हो रही हैं, जो एक- दूसरे के खिलाफ अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते हुए और गोल दागते हुए नजर आएंगे।
11 जून से शुरू होने जा रहा फीफा विश्व कप काफी रोमांचक होने वाला है। इस टूर्नामेंट में तकनीक के उच्चतम दर्जे का इस्तेमाल तो किया ही जाएगा साथ ही 1 महीने तक चलने वाले इस खास टूर्नामेंट में कई भावनात्मक रिश्ते भी देखने को मिल सकते हैं। फीफा विश्व कप में दुनिया की 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस वर्ल्ड कप में चार भाई अलग-अलग देशों से खेलते हुए दिखेंगे। आने वाले फुटबॉल विश्व कप में खेल के साथ-साथ भावनाओं का भी संगम होगा। इस बार टूर्नामेंट में चार भाइयों की जोड़ियां शामिल हो रही हैं, जो एक- दूसरे के खिलाफ अलग-अलग देशों की जर्सी में खेलते हुए और गोल दागते हुए नजर आएंगे।
पहली जोड़ी फ्रांस के डौए भाइयों की
फ्रांस बनाम आइवरी कोस्ट फ्रांस के एंगर्स में जन्म डौए भाइयों की कहानी काफी दिलचस्प है। एक भाई अपनी मूल टीम फ्रांस से खेलेगा, जबिक दूसरा भाई अपने पिता के मूल देश से खेलता हुआ दिखाई देगा। पीएसजी फुटबॉल क्लब के उभरते सितारे डेजायर डौए फ्रांस की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे, वहीं उनके बड़े भाई गुएला डौए अपने पिता के मूल देश आइवरी कोस्ट से बतौर पुलबैक खेलते हुए नजर आएंगे। हाल ही में इन दोनों खिलाड़ियों की टीमों के बीच एक दोस्ताना मैच हुआ छा जिसमें गुएला ने फ्रांस के खिलाफ गोल करके अपनी टीम को 2-1 से जीत भी दिलाई थी। हालांकि, डेजायर उस मैच में फ्रांस की प्लेइंग 11 में शामिल नहीं थे और बैठकर अपने बड़े भाई के खेल को देख रहे थे।
स्पेन के विलियम्स ब्रदर्स
फीफा विश्व कप में जब स्पेन और घाना की टीमें आमने-सामने होंगी तब विलियम्स भाइयों को भी एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हुए देखा जा सकेगा। 23 वर्षीय निको विलियम्स स्पेन के स्टार खिलाड़ी हैं और दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुने गए थे। वहीं, उनके बड़े भाई इनाकी विलियम्स ने पहले तो स्पेन के लिए एकम मैच खेला था लेकिन बाद में अपने माता-पिता के देश घाना से खेलने का फैसला किया।
साउटर ब्रदर्स
स्कॉटलैंड के एबरडीन में जन्में साउटर भाइयों की भी राहें दो अगल-अलग टीमों के लिए हो चुकी हैं। 27 साल के हैरी साउटर ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए डिफेंस संभालेंगे, वहीं, उनके बड़े भाई जॉन साउटर स्कॉटलैंड यानी अपने मूल देश की जर्सी में नजर आएंगे। बता दें कि हैरी की मां ऑस्ट्रेलिया की हैं, इसलिए वे अपने ननिहाल देश से 7 साल पहले से ही खेल रहे हैं, जबिक उनके भाई साउटर पिता के देशष से खेल रहे हैं।
ब्रायन बोबे और डेरिल लुकासेन
नीदरलैंड की टीम से ब्रायन ब्रोबे खेल रहे हैं, जबकि उनके सौतेले भाई डेरिल लुकासेन को आखिरी समय में घाना की टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि इन दोनों की मां एक ही है, लेकिन पिता अलग-अलग हैं।
बता दें कि फुटबॉल की दुनिया में यह चलन सिर्फ इन चार भाइयों तक ही सिमटा हुआ नहीं है। प्रवास के कारण मोरक्को, अल्जीरिया, सेनेगल और ट्यूनीशिया जैसी टीमों ने अपने देश के जन्में खिलाड़ियों की तुलना में यूरोप में पैदा हुए खिलाड़ियों की संख्या अधिक हो गई है। फुटबॉल का यह बदलता हुआ परिवेश इस बात को परिलक्षित करता है कि कैसे खिलाड़ी अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों के प्रति वफादारी दिखा रहा है।
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