Source :- LIVE HINDUSTAN
हैकर्स अब आपका WhatsApp हैक करके अकाउंट साफ कर सकते हैं। एक छोटी से गलती से वॉट्सऐप का पूरा कंट्रोल धोखेबजों को मिल सकता है। अगर आप ऐसी मुसीबत में फंस जाए, तो घबराएं नहीं। यहां हम आपको सेफ रहने के टिप्स बता रहे हैं।
दुनियाभर में करोड़ों लोग रोजाना WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। किसी से बातचीत करनी हो, फोटो-वीडियो शेयर करना हो तो सबसे पहले वॉट्सऐप की ही याद आती है। यह अब सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। शायद इसलिए हैकर्स भी अब वॉट्सऐप पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। दिल्ली पुलिस के जॉइंट CP (IFSO) रजनीश गुप्ता के अनुसार, जरा सी भी लापरवाही आपके वॉट्सऐप अकाउंट के हैक होने का कारण बन सकती है।
आखिर वॉट्सऐप हैक कैसे होता है?
साइबर अपराधी अक्सर यूजर को कॉल करते हैं और सरकारी विभागों, बिजली कंपनियों, वॉटर बोर्ड या बैंक के अधिकारी बनकर बात करते हैं। वे कहते हैं कि बिल अपडेट करने की जरूरत है या तुरंत वेरिफिकेशन की जरूरत है। इसके बाद वे पीड़ित को एक APK फाइल भेजते हैं या WhatsApp के जरिए कोई लिंक भेजते हैं।
जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, स्कैमर्स को फोन की जरूरी परमिशन का एक्सेस मिल जाता है, जिससे वे फोन का पूरा कंट्रोल हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं। इसके बाद आपको फोन पर आने वाले कॉल, मैसेज और यहां तक कि बैंक से आने वाले OTP भी सीधे स्कैमर के कॉन्टैक्ट पर फॉरवर्ड होने लग जाते हैं।
इसके बाद, धोखेबाज उसी मोबाइल नंबर से अपने फोन पर वॉट्सऐप चालू करते हैं और पीड़ित के दोस्तों और रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर पैसे मांगते हैं।
इस साइबर अपराध को संचालित करने का तरीका?
कल्पना कीजिए कि आपके नाम से आपके किसी दोस्त को एक मैसेज भेजा जा रहा है जो दावा कर रहा है कि आप संकट में हैं और आपको तुरंत कुछ पैसों की जरूरत है। जब आपका दोस्त आपको कॉल करने की कोशिश करता है तो कॉल फॉरवर्डिंग के कारण कॉल आप तक नहीं पहुंचती है। नतीजतन, कभी-कभी, वे मानते हैं कि आप वाकई मुसीबत में हैं और पैसे भेज देते हैं।
अगर आपका वॉट्सऐप हैक हो जाए तो क्या करें?
##21##: अगर आपको शक है कि आपने गलती से कोई संदिग्ध APK फाइल या लिंक खोल लिया है, तो सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर ##21# डायल करें। इससे आपको कॉल फॉरवर्डिंग और दूसरी फॉरवर्डिंग सर्विसेस के बारे में जानकारी मिलेगी। अगर आपको कोई संदिग्ध सर्विस चालू दिखे, तो आप उसे तुरंत बंद कर सकते हैं।
वॉट्सऐप का ऑफिशियल रिपोर्टिंग प्रोसेस: वॉट्सऐप के बताए गए निर्देशों का पालन करके अपने अकाउंट को फिर से सुरक्षित करने के लिए वॉट्सऐप के ऑफिशियल रिपोर्टिंग प्रोसेस का इस्तेमाल करें। अकाउंट रिस्टोर होने पर, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। इसके बाद, आपको अपने WhatsApp का कंट्रोल वापस मिल जाएगा।
APK फाइल को पुलिस के साथ शेयर करें: अगर आपके पास अभी भी वह संदिग्ध APK फाइल है, तो उसे साइबर पुलिस को जरूर सौंप दें। इससे जांच एजेंसियों को धोखाधड़ी करने वालों का पता लगाने में मदद मिलेगी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी भी पुलिस स्टेशन (सामान्य या साइबर पुलिस स्टेशन) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सबसे अच्छा बचाव: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
वॉट्सऐप पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू करना चाहिए। इसमें OTP के साथ एक अतिरिक्त PIN सेट करना होता है। जब यह चालू हो जाता है, तो कोई भी व्यक्ति सिर्फ OTP का इस्तेमाल करके आपके स्मार्टफोन पर आपके वॉट्सऐप अकाउंट का एक्सेस नहीं ले सकता।
‘संचार साथी’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
यह बात छोटी लग सकती है, लेकिन यह एक बहुत जरूरी कदम है। अगर किसी ने आपको धोखाधड़ी वाला कॉल किया है या किसी संदिग्ध नंबर से APK फाइल भेजी है, तो आप तुरंत उसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं और सरकार के ‘संचार साथी’ प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इससे सरकार को ऐसे नंबरों और डिवाइस के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, जिससे दूसरों को भी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया जा सकेगा।
– अनजान लोगों से कभी भी APK फाइलें डाउनलोड न करें।
– बैंक, यूटिलिटी सर्विस या सरकारी दफ्तरों से आए बताए जाने वाले लिंक पर क्लिक करने से पहले उन्हें अच्छी तरह चेक करें।
– अपने वॉट्सऐप पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें।
– अगर आपको कुछ भी संदिग्ध दिखे, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन (1930) पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं।
– अनजान कॉलर या ऐसे मैसेज से सावधान रहें जिनमें किसी भी तरह का लिंक शॉर्टकट हो।
साइबर अपराधी मासूम लोगों को ठगने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। इसलिए, थोड़ी सी सावधानी और समय पर की गई शिकायत आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
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