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इल्हान उमर का भारत विरोधी बयान नया नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर वह भारत के लिए इस तरह की बातें कह चुकी हैं। वहीं उनका पाकिस्तान के प्रति प्रेम भी जगजाहिर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर रहने वालीं अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। अमेरिका में मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर बातचीत के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में इल्हान उमर बिना किसी आंकड़े और पुख्ता तथ्यों के भारत पर अल्पसंख्यकों के नरसंहार का आरोप लगाती नजर आईं। उमर ने कहा है कि भारत नरसंहार के ‘आठवें चरण’ में पहुंच चुका है और ये सब सामान्य होता जा रहा है। बता दें कि इल्हान उमर पहले भी इस तरह के बयान देती आई हैं।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून की शुरुआत में ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ (IAMC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दूसरे मेहमानों ने भी भारत की बात की। यह कार्यक्रम 7 जून को आयोजित किया गया था। हालांकि इससे जुड़े वीडियोज अब सामने आए हैं। कार्यक्रम में अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी की इल्हान उमर ने भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए। इल्हान उमर ने कहा, “भारत से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक वह नरसंहार के आठवें चरण में पहुंच चुका है।”

उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम लिया। इल्हान उमर ने कहा, “हमारे लिए अलार्म बजाना जारी रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि हम जानते हैं कि यह सिर्फ मोदी प्रशासन नहीं है जो भारत में ये सब करवा रही है, बल्कि यह अब व्यवस्थागत तरीके से हो रहा है और सामाज का हिस्सा बनता जा रहा है।”

क्या है नरसंहार के ‘आठवें चरण’ का मतलब?

इल्हान उमर यहां ‘जीनोसाइड वॉच’ नाम की एक संस्था के संस्थापक अध्यक्ष ग्रेगरी एच स्टैंटन की एक थ्योरी का जिक्र कर रही थीं। ग्रेगरी के मुताबिक नरसंहार के 10 चरण होते हैं। आठवां चरण ‘उत्पीड़न’ का होता है, जिसमें किसी अल्पसंख्यक समूह को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जाता है। इसमें उनके अधिकारों का उल्लंघन होता है, संपत्ति जब्त कर ली जाती है, जबरन विस्थापन, खाने, पानी और स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी जरूरतों से भी वंचित कर दिया जाता है।

दिखाती रही हैं पाकिस्तान प्रेम

सोमालिया से आकर अमेरिका में बसीं इल्हान उमर को अक्सर पाकिस्तान का हमदर्द माना जाता है। वे समय-समय पर कश्मीर के मुद्दे जिक्र करती रही हैं, जबकि भारत ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। यह भी दिलचस्प है कि एक तरफ उमर अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका में खुद सोमालियों के साथ भेदभाव हो रहा है। अमेरिका में रह रहे सोमाली मूल के लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों के निशाने पर हैं। ट्रंप ने इस समुदाय को आतंकवादी करार दिया है और उमर पर एक अवैध अप्रवासी होने का भी आरोप लगाया है।

भारत कई बार दे चुका करारा जवाब

भारत समय-समय पर इल्हान जैसे लोगों को करारा जवाब देता आया है। हाल ही में बीते मई महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान जब एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाए, तो विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने उसे अच्छे से समझा दिया। भारतीय अधिकारी ने कहा था, “आजादी के समय भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी 11% थी, जो अब बढ़कर 20% से अधिक हो गई है। आप किसी ऐसे देश का नाम बताइए जहां अल्पसंख्यकों की आबादी बढ़ी हो? आपको भारत के अलावा ऐसा कहीं नहीं मिलेगा।”

क्या है IAMC?

IAMC अमेरिका में रजिस्टर्ड एक गैर-लाभकारी संगठन है जो लंबे समय से भारत पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का आरोप लगाता रहा है। यह संगठन अमेरिका से लगातार मांग करता आया है कि अल्पसंख्यकों के प्रति व्यवहार को लेकर भारत को “विशेष चिंता का देश” घोषित किया जाए। इसके साथ ही यह आरएसएस, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जैसे राजनीतिक नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की वकालत भी करता रहा है।

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