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लता मंगेशकर ने बाथरूम में किया था इस गाने को रिकॉर्ड, रिलीज होते ही रच दिया था इतिहास

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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आज हम आपको लता मंगेशकर के एक ऐसे गाने के बारे में बताते हैं जिसके लिए ना सिर्फ उन्हें बल्कि उस फिल्म की हिरोइन को भी काफी स्ट्रगल करना पड़ता था।

हिंदी सिनेमा में जबरदस्त फिल्मों के साथ-साथ कई ऐसे गाने बने हैं जो सालों तक दर्शकों के दिल में बसे हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के बारे में बताने वाले हैं जिसे बनाने में करोड़ रुपये खर्च हुए। स्वर कोकिला नाम से पॉपुलर लता मंगेशकर ने भी अपनी आवाज के जादू से सबका दिल जीता है। अब उनके ही एक ऐसे गाने के बारे में बताते हैं जिसको लेकर कहा जाता है कि उन्होंने इसे बाथरूम में रिकॉर्ड किया था।

कौनसा था वो गाना जो बाथरूम में किया रिकॉर्ड

खैर जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो है प्यार किया तो डरना क्या जो फिल्म मुगल ए आजम का। इस फिल्म को के आसिफ ने डायरेक्ट किया था और इसमें पृथ्वीराज कपूर, दिलीप कुमार, मधुबाला जैसे एक्टर्स थे। गाने को लता मंगेशकर ने गाया था। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद थे और लिरिक्स शकील बदायूंनी ने लिखे थे।

क्यों करना पड़ा था बाथरूम में रिकॉर्ड

दरअसल, इस गाने के लिए ईको चाहिए था। अब उस वक्त ईको के लिए कोई स्पेशल इफेक्ट नहीं होता था तो इसे फिजिकली करना पड़ता था। यही वजह है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक लता को इस गाने को बाथरूम में रिकॉर्ड करना पड़ा था।

105 बार ट्राय करने के बाद गाने को किया गया पसंद

इस गाने को शकील बंदायूनी ने लिखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने को 105 बार एडिट किया गया था लिखते वक्त और जब जाकर इसे पसंद किया गया था। लेकिन सब जानते हैं कि जब यह गाना रिलीज हुआ तो इसने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इस गाने को काफी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। यहां तक आज भी इतने सालों बाद इस गाने को पसंद किया जाता है।

मधुबाला ने झेला था बहुत दर्द

रिपोर्ट्स के मिताबिक इस फिल्म के लिए मधुबाला को 1 लाख रुपये मिले थे जो उस समय के हिसाब से काफी ज्यादा थे। हालांकि मधुबाला को इस दौरान आउटफिट्स और जूलरी को लेकर काफी स्ट्रगल करना पड़ता था। मधुबाला की जूलरी काफी हैवी थी और कई दिन तक तो वह खड़ी ही नहीं हो पाती थीं क्योंकि उन भारी चेन को पहनने की वजह से उन्हें चोट लग गई थी।

16 साल में बनी थी मुगल ए आजम

आईएमडीबी की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म को बनाने में 16 साल लग गए थे। वहीं रिपोर्ट्स यह भी है कि जो बैटल वाला सीक्वेंस था यानी युद्ध का, उसके लिए रिपोर्ट्स के मुताबिक 2000 ऊंठ, 4 हजार घोड़े का इस्तेमाल हुआ था।

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