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कांग्रेस ने पीएम मोदी की ट्रंप बैठक पर चुप्पी पर उठाए सवाल; मेलोनी की प्रतिक्रिया से बढ़ी तनाव की स्थिति

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कांग्रेस पार्टी ने जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों को संभालने के तरीके की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी ने भारतीय नाविकों की मौतों, एकतरफा अमेरिकी व्यापार समझौते और ऑपरेशन सिंदूर युद्धविराम से संबंधित ट्रम्प के दावों जैसे संवेदनशील विषयों पर बनी गंभीर चुप्पी बरती। खेड़ा ने सुझाव दिया कि मोदी को आत्मविश्वास के साथ जवाब देने के लिए इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से सीख लेना चाहिए।

**भारतीय नाविकों की मौतें**

ओमान की खाड़ी में पालाउ ध्वजांकित तेल टैंकर MT Settebello पर तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला विवाद का विषय बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने इस जहाज पर ईरानी बंदरगाहों पर लगे नाके का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसके कारण हमला हुआ। मृतकों की पहचान आदित्य शर्मा (कैडेट), शिवानंद चौराशिया (फिटर) और पट्नाला सुरेश (चीफ इंजीनियर) के रूप में हुई है। इस घटना के जवाब में भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डि’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस मुद्दे को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के समक्ष उठाया। जी7 बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च महत्व रखती है।” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी, “यह एक कठिन पेशा है। इसमें कोई शक नहीं। और हम इस पर मिलकर काम करते हैं।”

**दो-तरफा व्यापार समझौता**

भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, खासकर ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारतीय निर्यातों पर भारी शुल्क लगाने के कारण, जो मुख्य रूप से नई दिल्ली की रूसी तेल खरीद पर प्रतिक्रिया थी। व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत जारी है, जिसमें अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जून की शुरुआत में कहा था कि प्रस्तावित अंतरिम समझौते का 99 प्रतिशत हिस्सा अंतिम रूप दिया जा चुका है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियुष गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों ने पहले चरण के अधिकांश तत्वों को तय कर लिया है और अब कुछ मामूली मुद्दों पर चर्चा चल रही है। जी7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने संकेत दिया कि नया समझौता “बहुत करीब” है और मोदी को “कठोर” वार्ताकार बताया। हालांकि, खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी ने इस एकतरफा व्यापार समझौते के खिलाफ कड़े प्रहार नहीं किए।

**ऑपरेशन सिंदूर युद्धविराम दावे**

राष्ट्रपति ट्रम्प ने बार-बार दावा किया है कि उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” को बंद करने के लिए व्यापार वार्ताओं का उपयोग किया, जो कि भारत द्वारा संचालित एक सैन्य अभियान था। इस दावे को लेकर विवाद बना हुआ है, और भारत ने इस दावे का खंडन किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और भारत तथा अमेरिका की कथाओं के बीच मौजूद अंतर को रेखांकित किया। खेड़ा ने सुझाव दिया कि मोदी को ऐसे दावों पर आत्मविश्वास के साथ जवाब देने के लिए जॉर्जिया मेलोनी जैसे नेताओं से सीख लेना चाहिए।

**मोदी के रुख की कांग्रेस की आलोचना**

कांग्रेस पार्टी की आलोचना प्रधानमंत्री मोदी के जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनके रुख पर केंद्रित है। खेड़ा के बयान यह संकेत देते हैं कि मोदी ने इन मुद्दों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें जॉर्जिया मेलोनी की तरह अधिक दृढ़ और आक्रमक नीति अपनानी चाहिए। यह तुलना कांग्रेस पार्टी की विदेश नीति एवं अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर मोदी की प्रतिक्रियाओं से असंतोष को दर्शाती है।

सारांश यह है कि कांग्रेस पार्टी ने जी7 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रम्प से प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के दौरान संवेदनशील मुद्दों को संभालने के तरीकों पर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी की आलोचना मुख्य रूप से भारतीय नाविकों की मौतों, द्विपक्षीय व्यापार समझौते और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े युद्धविराम दावों पर केंद्रित है। कांग्रेस नेताओं ने इन मुद्दों को संबोधित करने में अधिक आत्मविश्वासी और आक्रामक रुख अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया है और इसके लिए जॉर्जिया मेलोनी जैसे नेताओं से प्रेरणा लेने की सलाह दी है।

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