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जहाज बनाने वाली कंपनी में सरकार बेच रही हिस्सेदारी… खबर सुन निवेशकों में हलचल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Cochin Shipyard share: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार गुलजार रहा। हालांकि, इस दौरान जहाज बनाने वाली कंपनी कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह शेयर इंट्रा-डे के दौरान शेयर 1,417.35 रुपये के लो और 1,485.50 रुपये के हाई तक कारोबार किया। हालांकि, इस शेयर की क्लोजिंग 1.36% बढ़त के साथ 1478.15 रुपये पर हुई। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो क्रमश: 2,280 रुपये और 1,186.55 रुपये है। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई पिछले साल मई महीने में रहा था। आइए जानते हैं कि शेयर में इस उथल-पुथल के कारण क्या थे।

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस PSU कंपनी में डिस्काउंट पर ऑफर फॉर सेल (OFS) ला सकती है। CNBC-TV18 ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि सरकार जल्द ही OFS ला सकती है। यह कदम PSU कंपनियों में ऐसे ऑफर के जरिए फंड जुटाने की कोशिश का हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार ने इस साल अब तक PSU कंपनियों में OFS के जरिए 16,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए हैं। हाल ही में सरकार ने कोल इंडिया, NHPC, NLC इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) और अन्य PSU कंपनियों में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेची है।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न

NSE पर कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के डेटा के अनुसार 31 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार की कोचीन शिपयार्ड में लगभग 68% हिस्सेदारी थी। लगभग 24 म्यूचुअल फंड के पास 2% से थोड़ी अधिक हिस्सेदारी थी जबकि लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के पास 3% से अधिक हिस्सेदारी थी। करीब 9.62 लाख रिटेल निवेशकों के पास कंपनी की लगभग 20 फीसदी हिस्सेदारी है।

शेयर का परफॉर्मेंस

कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में एक सप्ताह में लगभग 2% की बढ़त हुई है लेकिन एक महीने में 6% से अधिक और 2026 में अब तक 12% की गिरावट दर्ज की गई है। एक साल में शेयर में 34% की गिरावट आई है। लंबी अवधि में कंपनी के शेयरों ने तीन वर्षों में 391% और पांच वर्षों में 601% रिटर्न दिया है।

वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो मार्च तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 3.7 फीसदी घटकर 276.5 करोड़ रुपये रहा जबकि परिचालन आय 15.6 फीसदी गिरकर 1,484 करोड़ रुपये पर आ गई। हालांकि लागत नियंत्रण और बेहतर परिचालन दक्षता के दम पर कंपनी का एबिटा 16.5 फीसदी बढ़कर 310 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, एबिटा मार्जिन 15.1 फीसदी से बढ़कर 20.9 फीसदी हो गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN