Source :- LIVE HINDUSTAN
टाटा की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एक बड़े साइबर सुरक्षा संकट का सामना कर रही है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सोमवार को बताया कि उसे हाल ही में एक साइबर सिक्योरिटी हादसे के बारे में पता चला है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस घटना का उसके कारोबारी संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
करीब 2 लाख फाइल किए गए अपलोड
साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दावा किया कि ‘वर्ल्ड लीक्स’ नामक रैनसमवेयर समूह ने आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल और इलेक्ट्रिक कारमेकर टेस्ला के कथित कंपोनेंट डिजाइन और स्पेसिफिकेशन से जुड़े डॉक्युमेंट्स डार्क वेब पर अपलोड कर दिए हैं। ये करीब 2 लाख फाइल हैं, जिनका कुल आकार 630 गीगाबाइट से अधिक बताया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक डार्क वेब पर मौजूद डेटा में कई फोल्डर ऐसे हैं जिनमें Apple के दस्तावेज दिखाई देते हैं। इनमें फैक्ट्री डेटा और मैटेरियल स्पेशिफिकेशन जैसे शीर्षक वाले फाइल शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ दस्तावेजों पर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि इनमें Apple की स्वामित्व वाली और गोपनीय जानकारी मौजूद है।
टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Tesla से जुड़े कुछ दस्तावेज लीक हुए हैं। इनमें मॉडल Y SUV और मॉडल 3 से संबंधित चार्जिंग सिस्टम तथा अन्य तकनीकी ड्रॉइंग्स शामिल हैं। कुछ दस्तावेजों पर ट्रेड सेक्रेट यानी व्यापारिक गोपनीयता का जिक्र है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि Apple इस सेंध की जांच कर रहा था। बताया जा रहा है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को इस साइबर हमले के बाद फिरौती की मांग भी मिली थी। हालांकि, कंपनी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह सेंध भारत में Apple की सप्लाई चेन के लिए एक और झटका है। बता दें कि भारत में Tata को अपने एक iPhone पार्ट्स प्लांट के पास खेती की जमीन दूषित होने के आरोपों के कारण जांच का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि अभी भारत में Apple के iPhone प्रोडक्शन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा टाटा बनाता है।
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