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किम जोंग उन की जिंदगी का सबसे बड़ा राज, मां का क्यों नहीं लेते नाम? नॉर्थ कोरिया के कैसे बने लीडर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के परिवार को अपने देश में काफी सम्मान मिलता है। लेकिन इस परिवार की एक महिला सदस्य को यह ऐसा सम्मान नहीं मिलता। आखिर क्या है इसके पीछे का राज। क्या है किम जोन उन के पिता की प्रेम कहानी और आखिर कैसे वह उत्तर कोरिया के शासक बने…

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के परिवार को अपने देश में काफी सम्मान मिलता है। लेकिन इस परिवार की एक महिला सदस्य को यह ऐसा सम्मान नहीं मिलता। यह महिला हैं, किम जोंग उन की मां, को योंग-ही। दूसरी तरफ किम इल सुन की पत्नी किम जोंग सुक और किम जोंग इल की मां कांग पान सक का उत्तर कोरिया में काफी सम्मान किया जाता है। यहां पर इनकी गिनती क्रांतिकारी व्यक्तित्व के तौर पर होती है। आखिर क्या है इसके पीछे का राज। क्या है किम जोन उन के पिता की प्रेम कहानी और आखिर कैसे वह उत्तर कोरिया के शासक बने…

पवित्र रक्तसमूह से ताल्लुक
उत्तर कोरिया का दावा है कि किम का परिवार पवित्र माउंट पेक्तू रक्तसमूह से ताल्लुक रखता है। इस रक्तसमूह के लोगों को शुद्ध, वीर और देश पर शासन करने वालों के तौर पर बताया जाता है। माउंट पेक्तू, उत्तर कोरिया और चीन की सीमा पर है। कोरियाई मिथकों में, इसे डांगुन के जन्मस्थान के रूप में माना जाता है, जो पहले कोरियाई राज्य के संस्थापक थे। हालांकि कई इतिहासकार मानते हैं कि वह वास्तव में रूस में पैदा हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन की मां, को योंग-ही का जन्म 1952 में ओसाका, जापान में हुआ था। कोरिया प्रायद्वीप पर जापान के औपनिवेशिक शासन के दौरान, उनके माता-पिता, जो जेजू द्वीप के मूल कोरियाई थे जो अब दक्षिण कोरिया का हिस्सा है, जापान चले गए थे।

सरकार के दावे के विपरीत
किम की मां का परिवार एक सरकारी प्रायोजित पुनर्वास कार्यक्रम के तहत उत्तर कोरिया में बस गया था। तब उनकी उम्र मात्र 10 साल थी। जापान से उत्तर कोरिया आए तमाम लोगों को शुरू में स्वागत किया गया। लेकिन बाद में उन्हें नीचा दिखाया जाने लगा। अब यह बात उत्तर कोरियाई सरकार के उस दावे के बिल्कुल विपरीत है, जिसके मुताबिक किम परिवार पवित्र ‘माउंट पेक्टू रक्तसमूह’ से आता है।

किम की मां के तरफ कैसे आकर्षित हुए उनके पिता
किम की मां को, एक डांसर थी और एक मशहूर आर्ट ट्रूप के साथ जुड़ी थी। यह एक सरकारी परफॉर्मिंग ग्रुप था। जापानी पत्रकार योजी गोमी ने 2025 में उनके बारे में किताब लिखी थी। इसमें बताया गया है कि किम जोंग इल उनकी खूबसूरती और डांस के चलते उनकी ओर आकर्षित हुए। उस समय, किम जोंग इल की पहले ही किम यंग सुक से शादी हो चुकी थी। वह एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की बेटी थीं और उनके पिता ने यह शादी तय की थी। इन सबके बावजूद, किम जोंग इल, को योंग-ही के प्यार में पड़ गए। बताया जाता है कि उनके तीन बच्चे थे, जिनमें से एक किम जोंग उन हैं।

मीडिया में नहीं आई मौत की खबर
अब चूंकि को, किम जोंग इल की आधिकारिक पत्नी नहीं थीं। उनके बच्चे बिना शादी के पैदा हुए थे। बताया जाता है कि को और उनके बच्चे वोनसान के समुद्र तटीय शहर में रहते थे, जो प्योंगयांग से लगभग 210 किलोमीटर दूर है। जबकि किम जोंग इल की आधिकारिक पत्नी राजधानी में ही रहती थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस बात को लेकर परेशान थी कि उनका जापानी जन्म और सामाजिक पृष्ठभूमि किम परिवार की ‘पवित्र’ रक्तसमूह को कमजोर कर सकता है। को योंग-ही की 2004 में पेरिस के एक अस्पताल में स्तन कैंसर से मौत हो गई। हालांकि उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया में उनके निधन की खबर नहीं आई थी।

फिर किम कैसे बने शीर्ष नेता
अब यह सवाल उठता है कि आखिर किम जोंग उन, उत्तर कोरिया के नेता कैसे बन गए गए। असल में, किम जोंग इल की आधिकारिक पत्नी, किम यंग सक, की दो बेटियां थीं। चूंकि उत्तर कोरिया में कभी भी महिला सर्वोच्च नेता नहीं रही, इसलिए दोनों को संभावित उत्तराधिकारी नहीं माना गया। किम जोंग इल के एक अन्य महिला, सॉन्ग हे-रिम के साथ भी बच्चे थे। उनका बेटा, किम जोंग नम, कभी सत्ता विरासत में लेने के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जाता था क्योंकि वह किम जोंग इल का सबसे बड़ा बेटा था। हालांकि किम जोंग नाम ने अपने पिता का भरोसा खो दिया था। इसकी वजह थी, उत्तर कोशिया के सत्ता परिवार के पास रहने वाले सिस्टम की मांग। उन्होंने इसमें सुधार की भी मांग उठाई थी।

दौड़ से बाहर होते गए अन्य भाई
मकाऊ में निर्वासन में रहने के बाद, किम जोंग नम की साल 2017 में मलेशिया में हत्या कर दी गई। जांचकर्ताओं ने कहाकि उन्हें कुआलालंपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अत्यंत विषैला जहर देकर मारा गया था। किम जोंग उन के बड़े भाई, किम जोंग चुल को भी संभावित उत्तराधिकारी माना जाता था। हालांकि, पूर्व उत्तर कोरियाई राजनयिक र्यू ह्यून-वू के मुताबिक अफीम की लत के चलते इस रेस से बाहर होना पड़ा। बाकी संभावित वारिसों के बाहर होने के बाद माना जाता है कि को योंग-ही ने यह सुनिश्चित किया कि उनका दूसरा बेटा, किम जोंग उन, देश का अगला नेता बने।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN