Source :- LIVE HINDUSTAN
EPFO Portal: एप्लॉयीज प्रोविडेंड फंड ऑर्गेनाइजेशन की सर्विसेज आज रात्रि 12.01 बजे से फिर से एक्टिव होने की संभावना है। यानी 1 जुलाई 2026 से एक बार फिर नियोक्ता और सब्सक्राइबर्स सर्विसेज का लाभ उठा सकेंगे। पिछले 5 दिनों से सर्विसेज बंद थी। इस दौरान डाटाबेस को दुरुस्त करने का काम चल रह था। जिससे सब्सक्राइबर्स और तेजी के साथ-साथ सरलता पूर्वक अपना काम पूरा कर सकें।
29 जून को ही शुरू होने वाली थी EPFO की सर्विस
जारी नोटिस के अनुसार ईपीएफओ ने पहले ही ऑनलाइन सर्विसेज को रोके जाने की जानकारी दी थी। ईपीएफओ ने बताया था कि सॉफ्टवेयर अपग्रेड और डाटाबेस कंसॉलिडेशन की वजह से कई ऑनलाइन सर्विसेज 26 जून 00.00 से 29 जून 2026 तक सस्पेंड रहेंगी। ऐसे में अब आज रात्रि से एक बार फिर से सर्विसेज शुरू होने की उम्मीद है। बता दें, पहले सर्विसेज को 29 जून 2026 को ही शुरू होने की उम्मीद थी।
हाल के सालों में पहली बार इतने समय के लिए ईपीएफओ की सर्विसेज बंद थी। जिसकी वजह से लाखों ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स ऑनलाइन सर्विसेज का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
कौन-कौन सी सर्विसेज थी प्रभावित
इस दौरान कई ऑनलाइन सर्विसेज प्रभावित थी। जिसमें पासबुक देने, क्लेम को जमा करवाने, क्लेम स्टेटस को चेक करने, अपने पर्सनल डीटेल्स को अपडेट करने, ट्रांसफर रिक्वेस्ट फाइल करने और अन्य डिजिटल सर्विसेज प्रभावित थी। इसके साथ नियोक्ता भी इस टाइम पीरियड के दौरान लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं।
क्या बदल जाएगा?
EPFO की तरफ से कहा गया है कि यह अल्पकालिक अवरोध बेहद जरूरी था। सर्विसेज को एक बार से शुरू होने पर प्रोसेसिंग की सुविधा और बेहतर होगी साथ ही सब्सक्राइबर्स को और अच्छा अनुभव मिलेगा। इस टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने का मकसद क्लेम की प्रक्रिया को और तेज बनाना है। इसके साथ अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद पोर्टल तैयार करना है।
UPI से पैसा निकासी
ईपीएफओ की तरफ से जल्द ही और बेहतर सर्विसेज दी जा सकती हैं। जिसमें यूपीआई से पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा शामिल है। मौजूदा समय में क्लेम प्रोसेस करवाने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन जल्द ही यह समस्या सुलझ जाएगी।
ईपीएफओ इस सर्विस के जरिए लोगों को अपना पैसा आसान तारीक से एक्सेस करने का विकल्प देगा। इससे लोग जरूरत के समय में प्रोविडेंट फंड का पैसा आसानी से निकाल पाएंगे। बता दें, मौजूदा समय में ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स 8.25 प्रतिशत के ब्याज को क्रेडिट होने का इंतजार कर रहे हैं।
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