Source :- LIVE HINDUSTAN
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच लगातार चर्चाएं तेज हो रही हैं। इस बार सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि HRA (हाउस रेंट अलाउंस), TPTA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस), DA (महंगाई भत्ता) और फैमिली यूनिट में भी बड़े बदलाव की डिमांड उठाई गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में खासकर लेवल-1 के कर्मचारी, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में तैनात हैं, उनके लिए बढ़ती महंगाई के बीच गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। अगर सरकार इन मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में करीब 65% तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
केंद्रीय कर्मचारियों के कई प्रमुख संगठन जैसे AINPSEF, NC-JCM, AIDEF, FNPO और IRTSA (Indian Railways Technical Supervisors’ Association) ने 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें भेजी हैं। इन संगठनों की प्रमुख डिमांड है कि महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज किया जाए, HRA और TPTA की दरों में बढ़ोतरी की जाए तथा मौजूदा फैमिली यूनिट की गणना में बदलाव किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि 7वें वेतन आयोग के समय तय किए गए भत्ते अब वर्तमान महंगाई और बड़े शहरों के खर्चों के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं।
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, अभी लेवल-1 के एक कर्मचारी का बेसिक वेतन 18,000 रुपये है। अगर कर्मचारी दिल्ली जैसे X कैटेगिरी के शहर में तैनात है, तो उसे 30% HRA यानी 5,400 रुपये और TPTA करीब 2,880 रुपये (58% DA सहित) मिलता है। उनका कहना है कि दिल्ली जैसे शहर में इतने भत्ते से घर का किराया और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना बेहद कठिन है। इसलिए संगठन ने X शहरों के लिए HRA 36% और लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम TPTA 9,000 रुपये करने की डिमांड रखी है।
फैमिली यूनिट बढ़ने से कैसे बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर?
7वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट को 3.0 माना गया था। इसमें कर्मचारी के लिए 1.0 यूनिट, जीवनसाथी के लिए 0.8 यूनिट, पहले बच्चे के लिए 0.6 यूनिट और दूसरे बच्चे के लिए 0.6 यूनिट शामिल हैं। अब AINPSEF ने इसे बढ़ाकर 4.4 यूनिट करने का प्रस्ताव दिया है। इस नए प्रस्ताव में माता-पिता के लिए 0.7-0.7 यूनिट भी जोड़ने की मांग की गई है, यानी कुल फैमिली यूनिट 3.0 से बढ़कर 4.4 हो जाएगी।
अगर ऐसा होता है, तो फैमिली यूनिट में करीब 46.66% की बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का तर्क है कि इस आधार पर 1.58 का फिटमेंट फैक्टर बढ़कर लगभग 2.05 हो सकता है, जिसे सरकार 2.10 तक राउंड ऑफ कर सकती है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के मूल वेतन पर पड़ेगा।
कैसे 65% तक बढ़ सकती है सैलरी?
मौजूदा व्यवस्था में लेवल-1 कर्मचारी का वेतन इस प्रकार बनता है।
बेसिक वेतन:- ₹18,000
DA (58%):- ₹10,440 (लेख में गणना के अनुसार ₹10,800 दर्शाया गया है)
HRA (30%):- ₹5,400
TPTA:- ₹2,880
कुल ग्रॉस सैलरी:- लगभग ₹37,080
अगर 8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर, 36% HRA और ₹9,000 TPTA की सिफारिशें लागू होती हैं, तो स्थिति कुछ इस प्रकार हो सकती है।
नया बेसिक वेतन:- ₹37,800
DA (2%):- ₹756
HRA (36%):- ₹13,608
TPTA:- ₹9,180
कुल ग्रॉस सैलरी:- ₹61,344
इसका मतलब है कि मौजूदा ₹37,080 की तुलना में कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी करीब 65% तक बढ़ सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी आंकड़े कर्मचारी संगठनों की सिफारिशों और संभावित गणनाओं पर आधारित हैं। अभी तक केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग ने इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी है। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की स्वीकृति के बाद ही होगा। लेकिन, अगर HRA, TPTA, फैमिली यूनिट और फिटमेंट फैक्टर में इन डिमांड के अनुसार बदलाव होता है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की आय में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
8वां वेतन आयोग: प्रमुख कर्मचारी संगठनों की HRA और TPTA से जुड़ी सिफारिशें
| संगठन | HRA की डिमांड | TPTA / यात्रा भत्ता (TPTA/TA) की डिमांड |
|---|---|---|
| AINPSEF | X शहरों के लिए 36%, Y शहरों के लिए 24% और Z शहरों के लिए 12% HRA। | मूल वेतन का 12% या उससे कम, लेकिन ₹9,000 से कम नहीं। |
| NC-JCM स्टाफ साइड ज्ञापन | HRA को तीन स्लैब में जारी रखा जाए – 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z)। इसे महंगाई भत्ता (DA) से जोड़ा जाए और पेंशनरों को भी HRA का लाभ मिले। | मौजूदा TA को 3 गुना बढ़ाया जाए और DA से लिंक किया जाए। City Compensatory Allowance (CCA) को दोबारा लागू किया जाए। |
| AIDEF | HRA को 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z) के तीन स्लैब में रखा जाए। इसे DA से जोड़ा जाए तथा पेंशनरों तक इसका लाभ बढ़ाया जाए। | TA में 3 गुना बढ़ोतरी की जाए और इसे DA से लिंक किया जाए। CCA को फिर से लागू किया जाए। |
| FNPO | HRA की दरें 40%, 35% और 30% रहें। इन्हें DA से जोड़ा जाए तथा पेंशनरों को भी इसका लाभ दिया जाए। | मौजूदा TA को 3 गुना बढ़ाया जाए तथा इसे DA से लिंक किया जाए। |
| IRTSA | अलग-अलग शहरों के लिए 40%, 30%, 20% और 10% HRA हो। HRA को DA से जोड़ा जाए तथा जब भी DA 25% बढ़े, HRA में भी 25% की वृद्धि हो। | मौजूदा TA को 3 गुना बढ़ाया जाए। वर्तमान 19 शहरों की सूची अपर्याप्त है, इसलिए इसमें अधिक शहरों को शामिल किया जाए। |
8वां वेतन आयोग: प्रमुख कर्मचारी संगठनों की DA और फैमिली यूनिट से जुड़ी सिफारिशें
| संगठन | महंगाई भत्ता (DA) पर मांग | फैमिली यूनिट पर मांग |
|---|---|---|
| AINPSEF | DA 25% होने पर इसे मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज किया जाए। | फैमिली यूनिट को 5 किया जाए, जिससे न्यूनतम वेतन ₹69,000 हो सके। |
| NC-JCM स्टाफ साइड ज्ञापन | HRA में DA बढ़ने के साथ स्वचालित बढ़ोतरी हो। DA 25% होने पर इसे बेसिक पे में मिला दिया जाए। | 5 फैमिली यूनिट के आधार पर ₹69,000 न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव। |
| AIDEF | HRA को DA से लिंक किया जाए और DA 25% होने पर इसे बेसिक वेतन में मर्ज किया जाए। | 5 फैमिली यूनिट के आधार पर ₹69,000 न्यूनतम वेतन की मांग। |
| FNPO | DA की गणना 6 महीने के औसत के आधार पर हो, Point-to-Point Calculation अपनाई जाए, राउंडिंग लॉस खत्म किया जाए और DA 25% पर इसे मूल वेतन में जोड़ा जाए। | 5 फैमिली यूनिट के आधार पर ₹69,000 न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव। |
| IRTSA | DA की गणना का नया फॉर्मूला लागू किया जाए। मौजूदा CPI-IW 2016 को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। शहरवार वास्तविक महंगाई के आधार पर अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Basket) तैयार करने की मांग। | मौजूदा 3 फैमिली यूनिट को अपर्याप्त बताया। माता-पिता और बच्चों सहित 4.6–4.8 फैमिली यूनिट का सुझाव दिया गया, जिसके आधार पर ₹52,600 न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव रखा गया। |
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