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कोरोना के बाद पहली बार क्यों रद्द हुई US इंडिपेंडेंस डे परेड?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी से लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए US इंडिपेंडेंस परेड रद्द कर दी गई और इसे काफी हद तक वर्चुअल रखा गया या फिर इसमें कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए थे।

अमेरिका 4 जुलाई को अपना 250वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन कोरोना काल के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब US इंडिपेंडेंस डे परेड को रद्द करना पड़ा और इसका कारण है- भीषण गर्मी और लू। पूर्वी अमेरिका के कई राज्यों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि करीब 16 करोड़ लोग भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।

वॉशिंगटन डीसी में नेशनल मॉल पर आयोजित होने वाला ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर तेज गर्मी की वजह से बीच में ही रोकना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। एक महिला को हीट एक्सॉशन यानी गर्मी से बेहोशी जैसी हालत के बाद पैरामेडिक्स अस्पताल ले गए। आयोजकों के मुताबिक, कई लोगों की तबीयत खराब होने के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

इसके अलावा, शनिवार सुबह होने वाली इंडिपेंडेंस डे परेड भी बहुत ज्यादा और तेज गर्मी के कारण रद्द कर दी गई। नेशनल वेदर सर्विस ने वाशिंगटन, डी.सी. के लिए अत्यधिक गर्मी का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 43.3°C से 46.1°C के बीच तापमान रहने का अनुमान लगाया गया है।

गर्मी के कारण पहली बार रद्द की गई परेड

आयोजकों ने हजारों मार्चिंग बैंड सदस्यों, सैना की यूनिट और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम रद्द कर दिया। भारी वर्दी पहनकर मार्च करना या इतनी गर्मी में डामर पर खड़े रहने से गंभीर लू की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।

हालांकि, ये कोई पहला मौका नहीं है, जब परेड को रद्द करना पड़ा है। राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर बड़ी आपदाओं के कारण परेड में बदलाव, आकार में कमी या इसे रद्द किया जाता रहा है, लेकिन आमतौर पर मौसम के कारण इसे रद्द करना मूसलाधार बारिश या भीषण तूफान जैसी स्थितियों में ही होता है। लेकिन गर्मी और लू कारण इसे पहली बार रद्द किया गया है।

2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी से लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंडिपेंडेंस परेड रद्द कर दी गई और इसे काफी हद तक वर्चुअल रखा गया या फिर इसमें कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए थे।

250वीं परेड रद्द होने से निराश हुए लोग

76 साल की हैंग डैंग नाम की महिला ने बताया कि वह फ्लोरिडा से 12 घंटे ड्राइव करके वॉशिंगटन पहुंची हैं ताकि अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ का जश्न मना सकें। उन्होंने मजाक में कहा, “300वीं वर्षगांठ तक शायद मैं जिंदा नहीं रहूंगी, इसलिए इस बार आना जरूरी था।” लेकिन यहां पहुंच कर उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

कई इलाकों में टूट सकता है गर्मी का रिकॉर्ड!

न्यूयॉर्क शहर में शुक्रवार दोपहर हीट इंडेक्स 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लोगों को राहत देने के लिए शहरभर में कूलिंग सेंटर खोले गए हैं और सार्वजनिक स्विमिंग पूलों के समय को बढ़ा दिया गया है।

अमेरिकी मौसम विभाग ने कहा है कि 4 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में तापमान के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। कुछ इलाकों में लगातार दूसरे दिन भी रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की संभावना है।

फीफा वर्ल्ड कप पर भी गर्मी का असर

भीषण गर्मी का असर फीफा क्लब वर्ल्ड कप के मैचों पर भी पड़ रहा है।

मियामी में अर्जेंटीना और केप वर्डे के मैच के दौरान हीट इंडेक्स करीब 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था। फिलाडेल्फिया में शनिवार को होने वाले मैच के दौरान यह 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

गर्मी को देखते हुए फीफा ने हर हाफ में खिलाड़ियों के लिए हाइड्रेशन ब्रेक लागू किया है।

बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

भीषण गर्मी के कारण एयर कंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है, जिससे बिजली ग्रिड पर भारी दबाव पड़ रहा है।

न्यूयॉर्क में गर्मी के कारण बिजली गुल होने से करीब 60,000 लोगों की सप्लाई प्रभावित हुई, जिसे बाद में बहाल किया गया। शुक्रवार शाम तक 22, 000 से ज्यादा लोग अब भी बिजली कटौती का सामना कर रहे थे।

बिजली ग्रिड का संचालन करने वाली कंपनी PJM ने बताया कि जरूरत पड़ने पर डेटा सेंटरों को बैकअप पावर पर शिफ्ट करने जैसे आपातकालीन कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि आम लोगों की बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN