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भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही नफरत की दीवार है, लेकिन कला को कोई बांध नहीं सका। पाकिस्तान के कई सिंगर्स और स्टार को भारत में भी उतना ही प्यार और सम्मान मिला जितना यहां के कलाकारों को दी जाती है। वहीं, भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी खुद एक पाकिस्तानी लोक गायिका की आवाज और कला की मुसीद थीं। यही नहीं, दोनों देशों के बीच चल रही जंग और नफरत के बीच इंदिरा ने उस पाकिस्तानी सिंगर को भारत बुलाया था। आइए जानते हैं कौन है वो सिंगर और तत्कालीन पीएम ने उन्हें भारत क्यों बुलाया था?
इस पाकिस्तानी सिंगर को इंदिरा गांधी ने बुलाया था भारत
हम जिस पाकिस्तानी लोक गायिका की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि ‘लंबी जुदाई’ जैसे गाने वाली रेशमा हैं। रेशमा का जन्म राजस्थान, भारत में हुआ था, लेकिन बंटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया। रेशमा ने अपने करियर में “अखियां नू रहने दे” और “दमादम मस्त कलंदर” जैसे गाने गाकर इतिहास रच दिया था।
बॉलीवुड के इस गाने से भारत में हुईं मशहूर
रेशमा की आवाज में रेगिस्तान की मिट्टी की खुशबू और लोक संगीत की मिठास थी। वैसे तो रेशमा ने न जाने कितने गाने गाए, लेकिन भारत में उन्हें “लंबी जुदाई” गाने के लिए याद किया जाता है। साल 1983 में फिल्म ‘हीरो’ में “लंबी जुदाई” गाकर रेशमा ने भारत में भी अपार लोकप्रियता हासिल की। यह गीत आज भी सदाबहार माना जाता है। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि लीड रोल में थे।
आखिर क्यों इंदिरा ने रेशमा को बुलाया था भारत?
दरअसल, भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पाकिस्तानी लोक गायिका रेशमा की अनूठी और रूहानी आवाज की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। उन्होंने रेशमा को विशेष रूप से पाकिस्तान से भारत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया था ताकि दोनों देशों के बीच संगीत और कला के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत हो सके। रेशमा की अनोखी आवाज ने उनके लाखों चाहने वालों का ही नहीं, इंदिरा गांधी का भी दिल जीत लिया था।
मजार पर गाने वाली रेशमा की ऐसे बदली किस्मत
महज 12 साल की उम्र में जब रेशमा एक बार लाल शाहबाज कलंदर की मजार पर गा रही थीं, तब ‘रेडियो पाकिस्तान’ के निर्माता सलीम गिलानी ने उनकी आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान टेलीविजन (PTV) पर गाना शुरू किया। उनकी सशक्त और रूहानी आवाज ने जल्द ही उन्हें पूरे देश को अपना दीवाना बना दिाय। उनके सबसे प्रसिद्ध गीतों में “हाय ओ रब्बा”, “कित्ते नैन ना जोड़ी” और “लंबी जुदाई” शामिल हैं। बॉलीवुड फिल्म ‘हीरो’ (1983) का गाना “लंबी जुदाई” उन्हीं के मूल गीत से प्रेरित था। बता दें कि साल 66 वर्ष की आयु में 3 नवंबर 2013 को लाहौर, पाकिस्तान में गले के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के चलते उनका निधन हो गया।
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