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पल पल दिल के पास …ये गाना लिखने वाले गीतकार का लग गया था लाखों का जैकपॉट, एक झटके में बना सबसे अमीर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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हिंदी फिल्मों में कई यादगार गाने लिखने वाले गीतकार का लग गया था लाखों का जैकपॉट। एक ही झटके में बन गए थे सबसे अमीर गीतकार। ये गाने इन्हीं की कलम से निकले। जानिए कैसे खुली किस्मत।

हिंदी सिनेमा में गीतकारों की अहम भूमिका रही है। 40-50 के दशकों से लेकर अभी तक ये गीतकार ही अपने लिखे गीतों से सदाबहार गाने देते आए। अगर गुजरे जमाने के गीतकारों की बात करें तो आनंद बक्शी, मजरू सुल्तानपुरी, साहिर लुधियानवी के साथ एक और गीतकार का नाम लिया जाएगा वो हैं राजेंद्र कृष्णन। इन्होंने कई फिल्मों के लिए यादगार गाने लिखे। गीतकारों की लिस्ट में राजेंद्र कृष्णन सबसे अमीर थे। उसकी वजह इनकी कमाई नहीं बल्कि एक जैकपोट था जिसने किस्मत बदल दी। 70 के दशक में राजेंद्र कृष्णन ने इतनी मोटी रकम जीत ली थी कि आज के समय में वही रकम करोड़ो में होती।

राजेंद्र कृष्णन के लिखे ये गाने आज भी मशहूर हैं

पहले राजेंद्र कृष्णनके फिल्मी सफर के बारे में बात करते हैं। गीतकार ने अपने करियर की शुरुआत 1947 एक स्क्रीनप्ले लिखकर की थी। इसी साल उनकी फिल्म जंजीर आई जिसके लिए इन्होंने सबसे पहले गाने लिखे। ये अमिताभ बच्चन वाली जंजीर नहीं है। इसके बाद 40 के दशक से लेकर 80 के दशक तक उन्होंने फिल्मों में कई यादगार गाने दिए। धर्मेंद्र पर फिल्माया ‘पल पल दिल के पास’, फिल्म पड़ोसन का ‘मेरी सामने वाली खिड़की में’, फिल्म खानदान के लिए लिए ‘तुम्हीं मेरे मंदिर’ फिल्म छाया का ‘इतना न मुझसे प्यार बढ़ा’, फिल्म आशा से ‘ईना मीना डीका’, फिल्म शहनाई का गाना ‘न झटकों जुल्फों से मोती’ उन्होंने अपनी पत्नी के नहाने पर पर लिख दिया था जो अमर हो गया। उनके लिखे सबसे ज्यादा गानों के रीमिक्स बनाए गए। ये गाने आज भी यूथ में पॉपुलर है।

राजेंद्र कृष्णन का लगा था लाखों जैकपॉट

राजेंद्र कृष्णन को उस दौर में फिल्मों में गाने लिखने के लिए कुछ हजार रुपए मिला करते थे। वहीं किसी फिल्म के लीड एक्टर की फीस 50 हजार से 2 लाख तक होती थी। उस दौर में राजेंद्र कृष्णन हॉर्स रेसिंग का बहुत शौक था और ये मशहूर भी था। राजेंद्र कृष्णन ने अपनी कमाई का एक हिस्सा हॉर्स रेसिंग में लगाया और जैकपॉट ऐसा लगा कि वो सबसे अमीर गीतकार बन गए। उन्होंने होर्से रेसिंग में 46 लाख जीते।

जीती मोटी रकम

70 के दशक के हिसाब से ये एक मोटी रकम थी। आज के समय के हिसाब से 24 करोड़ का जैकपॉट था। राजेंद्र कृष्णन अमीर गीतकार बन गए। किस्मत खुल गई। लेकिन इसके बाद भी वो अपने गानों की वजह से पहचाने गए। कैई गाने लिखे और 1987 में उनका निधन हो गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN