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पीओके में 5 जुलाई को आर-पार की जंग! पाकिस्तान के खिलाफ बंदूकों के साए में सड़कों पर उतरेंगे लाखों लोग

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Source :- LIVE HINDUSTAN

इस नए बखेड़े के पीछे सबसे बड़ी वजह वहां के बड़े कारोबारी नेता और जेएएसी के मुख्य प्रवक्ता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी है। उमर नजीर कश्मीरी ने मुजफ्फराबाद, झेलम और नीलम घाटी के आम बाशिंदों के नाम एक बेहद भावुक संदेश जारी किया है।

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस वक्त बारूद जैसे हालात बन चुके हैं। वहां की प्रांतीय सरकार और खुफिया एजेंसियों के कड़े पहरे को ठेंगा दिखाते हुए प्रतिबंधित संगठन ‘जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) ने रविवार को पूरे इलाके में एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का एलान कर दिया है। संगठन के बड़े नेता उमर नजीर कश्मीरी ने लोगों से अपील की है कि वे भारी तादाद में घरों से बाहर निकलें, ताकि सरकार के दमनकारी चक्रव्यूह को तोड़ा जा सके और गायब किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं को छुड़ाया जा सके।

शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी से भड़का अवाम का गुस्सा

इस नए बखेड़े के पीछे सबसे बड़ी वजह वहां के बड़े कारोबारी नेता और जेएएसी के मुख्य प्रवक्ता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी है। बताया जा रहा है कि एक धरने में शामिल होने जा रहे मीर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने मिलकर उठा लिया और किसी अज्ञात जगह पर बंद कर दिया है। उनके साथ सैकड़ों आम कार्यकर्ताओं को भी सलाखों के पीछे ठूंस दिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने सोचा था कि लीडरशिप को जेल में डालकर आंदोलन को कुचल दिया जाएगा, लेकिन पासा पूरी तरह उल्टा पड़ गया और मुजफ्फराबाद समेत तमाम बड़े शहरों में लोग गुस्से से उबल पड़े हैं।

‘जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाएंगे’- उमर नजीर की हुंकार

उमर नजीर कश्मीरी ने मुजफ्फराबाद, झेलम और नीलम घाटी के आम बाशिंदों के नाम एक बेहद भावुक संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता की नहीं, बल्कि यहां के हर एक नागरिक के हक की है।

घाटी के लोगों से बड़ी अपील करते हुए उमर नजीर ने लोगों से कहा है कि वे इस तानाशाही को बर्दाश्त करना बंद करें और शांतिपूर्ण लेकिन बेहद मजबूत तरीके से सड़कों पर आएं। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, “हमें इस जुल्म और ज्यादती के आगे झुकना नहीं है। बिना हिंसा किए अपनी बात पर अड़े रहना ही हमारे हक की जीत का इकलौता रास्ता है।”

आटा, बिजली और मानवाधिकार: क्यों सुलग रहा है पीओके?

पीओके में पिछले कई महीनों से चिंगारी सुलग रही है। वहां आटे की आसमान छूती कीमतों, बिजली पर लगे भारी-भरकम टैक्स और सुरक्षाबलों की तरफ से किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ महीनों से हड़ताल और धरने चल रहे थे। हालात इतने बिगड़ गए कि पाकिस्तानी हुक्मरानों ने कुछ समय पहले ही जेएएसी पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी। एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने भी पाकिस्तानी सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और कहा है कि हक मांग रहे आम लोगों पर आतंकवाद की धाराएं लगाना बिल्कुल गलत है।

पुलिस का कड़ा पहरा, फिर भी आंदोलन पर अड़े लोग

रविवार के इस महा-प्रदर्शन को रोकने के लिए मुजफ्फराबाद और आसपास के जिलों को छावनी में बदल दिया गया है। जगह-जगह पुलिस की टुकड़ियां तैनात हैं और भारी बैरिकेडिंग की गई है। इसके बावजूद, आंदोलन की कमान संभाल रहे स्थानीय लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार ने नेताओं को जेल में डालकर जनता को डराने की कोशिश की थी, लेकिन अब लोग अपनी आर्थिक बदहाली और आजादी के लिए एकजुट हो चुके हैं। रविवार को होने वाला यह प्रदर्शन तय वक्त पर ही होगा, जिसे रोकना अब पुलिस के बस की बात नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN