Source :- LIVE HINDUSTAN
Mistakes not do in Monsoon: बारिश के सीजन में सर्दी-जुकाम के साथ फीवर आना कॉमन है। लेकिन इसके साथ ही कई तरह की दिक्कतें हो जाती है। अगर फीवर होने के साथ ही कई दूसरी समस्याएं भी रहीं तो इसे हल्के में ना लें। डॉक्टर ने शेयर किया कि 5 तरह की गलतियां मरीजों को अस्पताल पहुंचा देती हैं।
बारिश का मौसम सेहत के लिहाज से काफी नाजुक होता है। इस वक्त बैक्टीरिया और जर्म्स की ग्रोथ तेज होती है और जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। ऐसा हम नहीं बल्कि डॉक्टर बोल रहे। डॉक्टर मिहिर ने मॉनसून की 5 गलतियों को शेयर किया है। जिसे अक्सर लोग हर बारिश दोहराते हैं और बीमार होते हैं। इन 5 गलतियों को भूलकर भी ना करें।
हर बुखार वायरल नहीं होता
आमतौर पर सीजन बदलने की वजह से बारिश के मौसम में सर्दी-जुकाम होना नॉर्मल है। और बुखार भी होता है, जिसमे लोग पैरासिटामॉल खा लेते हैं। लेकिन 48 घंटे से ज्यादा टाइम तक बुखार हो रहा और साथ में खांसी, सांस लेने में दिक्कत, रैशेज,ब्लीडिंग हो रही तो इसे इग्नोर ना करें। फौरन चेकअप कराएं क्योंकि साधारण बुखार डेंगू, चिकनगुनिया,मलेरिया, लेप्टोपायरोसिस जैसी गंभीर और खतरनाक बीमारियां भी बुखार से ही स्टार्ट होती हैं।
बारिश वाले पानी में चलना
बारिश के मौसम में कहीं पर जलभराव हुआ है और आप उसमे से होकर गुजरते हैं तो ये केवल आपके जूतों को खराब नहीं करता बल्कि आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है। खासतौर पर अगर आपके पैरों में किसी तरह के कट लगे हैं, चोट या घाव हुआ है। सड़क पर जमे पानी में चलने से केवल स्किन इंफेक्शन नहीं होता बल्कि ये आपके शरीर में बैक्टीरिया को भी फैलाता है। अगर पैरों में किसी भी तरह का छोटा सा कट या घाव है तो बैक्टीरिया शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और लैप्टोपायररोसिस नामकी गंभीर बीमारी को फैलाते हैं। जिससे लिवर, किडनी और फेफड़ों के बीमार होने का डर रहता है। इसीलिए बारिश के मौसम में घर आने के बाद पैरों को अच्छी तरह से साफ करें और अगर घाव हुआ है तो उसे ढंककर रखें।
घर में मच्छरों की पैदावार
लोगों को लगता है मच्छर बाहर से आ रहे जबकि ये गलत है। बाहर से ज्यादा मच्छर आपके घर में होते हैं। फ्लावर पॉट, एसी ड्रिप ट्रे, फ्रिज के आसपास, कूलर, गमलों के नीचे लगी ट्रे ये सारे मच्छरों के ब्रीडिंग ग्राउंड होते हैं। इन्हें हर दिन देखना और सफाई करना मच्छरों की तादाद को घर में फैलने से रोकना है।
गीले कपड़े घर के अंदर सुखाना
आजकल अपार्टमेंट और छोटे घरों में लोग गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाते हैं। बारिश के दिनों में ऐसा करना घर में सीलन और ह्यूटिडी बढ़ाता है। जिससे अस्थमा, एलर्जी, साइनोसाइटिस जैसी समस्या बढ़ जाती है। अगर घर के अंदर गीले कपड़े सुखाने ही पड़ते हैं और दूसरा कोई विकल्प नहीं है तो घर में वेंटिलेशन अच्छा हो, पंखा चलाकर रखें या फिर एक अच्छा डिह्यूमिडिफायर हो। जिससे घर की नमी दूर रहे और बीमारी ना फैले।
ना खाएं एंटीबायोटिक
बिना किसी डॉक्टर की सलाह के घर में ही एजेंथ्रोमाइसिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं को भूलकर भी ना खाएं। ये दवाएं डेंगू, चिकनगुनिया, इंफ्लूएंजा और दूसरी वायरल फीवर में असर नहीं दिखाती हैं। इन दवाओं से बुखार ठीक नहीं होता बल्कि लगातार खाने से आपको एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या हो सकती है, जिससे इलाज में देरी होगी और किसी भी तरह की एंटीबायोटिक फायदा नहीं पहुचाएगी।
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