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Satluj Explainer: समझें दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ का पूरा विवाद, रिलीज के 48 घंटे में भारत में हुई बैन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ के रिलीज होने के बाद तो विवाद हो ही रहा है, लेकिन इसके रिलीज होने से पहले भी बहुत विवाद हुआ था। पढ़िए।

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) इन दिनों विवादों में है। लंबी लड़ाई और कई बदलावों के बाद 3 जुलाई के दिन ये फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई थी, लेकिन 48 घंटों के भीतर ही इस फिल्म को भारत में बैन कर दिया गया। क्यों? आइए आपको 2022 से चल रहे इस विवाद के बारे में सबकुछ बताते हैं।

1. क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी?

ये फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी है। जसवंत सिंह खालड़ा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में लापता हुए हजारों अज्ञात लोगों और उनके कथित अंतिम संस्कार के मामले की जांच की थी। उनकी इस जांच ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया था। इस संवेदनशील मुद्दे को उठाने के बाद, 1995 में जसवंत सिंह खालड़ा लापता हो गए थे। 10 साल बाद पंजाब पुलिस के चार कर्मियों को जसवंत सिंह खालड़ा के अपहरण और हत्या का दोषी पाते हुए 7 साल की सजा सुनाई गई थी। साल 2007 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी सात साल की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास में बदल दिया था।

2. तीन बार बदला नाम फिल्म का नाम

घल्लूघारा: शुरुआत में फिल्म का नाम ‘घल्लूघारा’ रखा गया था। ये एक पंजाबी शब्द है जिसका मतलब ‘नरसंहार’ होता है। इस नाम पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई।

पंजाब 95: बोर्ड के सुझाव पर मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर ‘पंजाब 95’ रख दिया। इसी नाम से साल 2023 में ‘टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में इसका वर्ल्ड प्रीमियर भी हुआ और दिलजीत के अभिनय की तारीफ भी हुई। हालांकि, बाद में राजनीतिक कारणों के चलते इस फिल्म को कुछ फेस्टिवल्स से हटाना भी पड़ा।

सतलुज: जब फिल्म को आखिरकार 3 जुलाई को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया, तो इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया क्योंकि मेकर्स को पुराना नाम रखने की मंजूरी नहीं मिल सकी।

3. सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ लंबी लड़ाई

फिल्म को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए मेकर्स को सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई लड़नी पड़ी।

127 कट्स की मांग: रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने के लिए 127 कट्स और कई बदलावों का सुझाव दिया था। इनमें कई ऐतिहासिक संदर्भों, जगहों और किरदारों के नाम बदलने की मांग शामिल थी।

थिएटर रिलीज रद्द: भारत में सेंसर की मंजूरी न मिलने और बार-बार होने वाली देरी के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे केवल चुनिंदा देशों के सिनेमाघरों में ही रिलीज किया गया।

4. OTT रिलीज के 48 घंटे के भीतर भारत में बैन

लंबे इंतजार के बाद 3 जुलाई को फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया। रविवार (5 जुलाई) को जी5 ने एक आधिकारिक बयान जारी किया और कहा कि उन्होंने फिल्म ‘सतलुज’ को हटा दिया है। उन्होंने कारण नहीं बताया। हालांकि, ये फिल्म जी5 ग्लोबल पर अभी भी देखी जा सकती है। जी5 ने कहा है कि वे फिल्म और मेकर्स के क्रिएटिव विजन के साथ खड़े हैं और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इसे भारत में जल्द से जल्द वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिलजीत दोसांझ को पहले से था इसका अंदाजा

दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म को अपने करियर का सबसे इम्पॉर्टेंट प्रोजेक्ट बताया है। दिलचस्प बात ये है कि दिलजीत को इस बैन का अंदाजा पहले से था। शनिवार को एक इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने अपने फैंस से कहा था, ‘आज शनिवार है। मुझे लगता है कि सोमवार तक इसे हटा दिया जाएगा। पर कोई बात नहीं, आप लोग इसे डाउनलोड कर लो।’ और हुआ भी यही, फिल्म को रविवार को ही प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN