Home World News hindi मुस्लिम देश में वामपंथियों पर तगड़ा एक्शन, सैंकड़ों पत्रकार-वकील गिरफ्तार; क्या वजह?

मुस्लिम देश में वामपंथियों पर तगड़ा एक्शन, सैंकड़ों पत्रकार-वकील गिरफ्तार; क्या वजह?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यहां सभी तरह के विरोध प्रदर्शनों और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं पुलिस ने 100 से ज्यादा पत्रकारों, वकीलों, प्रोफेसरों और वामपंथी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

तुर्की में इन दिनों बवाल मचा हुआ है। यहां बीते कुछ दिनों में सैंकड़ों वामपंथियों को अरेस्ट कर लिया गया है। पुलिस ने देश के पत्रकारों, मानवाधिकार वकीलों, प्रोफेसरों और वामपंथी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है और राजधानी अंकारा में हर तरह की जनसभाओं और प्रदर्शनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कई इलाकों में पुलिस बल की भारी तैनाती कर दी गई है। सड़कें भी बंद कर दी गई हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प की भी खबरें हैं। लेकिन तुर्की में ये सब शुरू कैसे हुआ और अचानक लोगों का हुजूम इस तरह सड़कों पर क्यों उतर आया है?

दरअसल तुर्की में इस सप्ताह NATO शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई बड़े देशों के नेता और प्रतिनिधि राजधानी अंकारा में आयोजित इस समिट में हिस्सा लेंगे। लेकिन देश के वामपंथी गुट बगावत पर उतर आए हैं। वे लगातार तुर्की को पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन NATO से बाहर करने की मांग कर रहे हैं। बीते रविवार को कम्युनिस्ट पार्टी (TKP) द्वारा आयोजित NATO-विरोधी मार्च में शामिल 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

TKP ने बताया कि उसने अंकारा के केंद्रीय किज़िलाय स्क्वायर में विरोध मार्च आयोजित किया था, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी झंडे लहराते हुए हत्यारी NATO, हमारे देश से बाहर जाओ और NATO को यहां कोई जगह नहीं जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया।

कई संगठनों के मुखिया गिरफ्तार

तुर्की के स्थानीय मीडिया के मुताबिक पुलिस ने अंकारा, इस्तांबुल और कोकेली समेत कई प्रांतों में छापेमारी की और न्यूज चैनलों और अखबारों के चीफ को अरेस्ट कर लिया। ऑनलाइन अखबार ‘T24’ की एडिटर-इन-चीफ बुसे सोगुतलु और ‘ओदा टीवी’ की रिपोर्टर सेरेन एर्दोग्दु को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘एसोसिएशन ऑफ कंटेंपोररी लॉयर्स’ (CHD) की ब्रांच की महिला अध्यक्ष को भी उनके घर की तलाशी लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ उनके कई मुवक्किलों को भी पुलिस ने दबोच लिया है। मानवाधिकार वकील इरमान ओजतुर्क ने एएफपी को बताया कि इस पूरी कार्रवाई का मकसद सिर्फ और सिर्फ नाटो समिट से पहले देश के लोकतंत्रिक ताने-बाने, वामपंथियों और स्वतंत्र प्रेस को डराना और धमकाना है।

क्या बोल रही सरकार?

जानकारी के मुताबिक नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की सरकार ने पूरे देश में क्रैकडाउन अभियान शुरू कर दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के मुताबिक प्रशासन इन छापों को आतंकवाद विरोधी जांच का हिस्सा बता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी में प्रतिबंधित वामपंथी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बता दें कि तुर्की में इससे पहले जून के आखिरी हफ्ते में भी वामपंथियों के खिलाफ एक्शन लिया गया था। तुर्की अधिकारियों ने नाटो समिट की सुरक्षा के नाम पर वकीलों, शिक्षाविदों और छात्रों समेत 200 से अधिक लोगों को जेल में ठूस दिया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN