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‘फूट-फूटकर रोए, मंदिर गए…’, कुछ ऐसे तैयार हुआ धुरंधर 2 का दिल छू लेने वाला गाना

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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फिल्म धुरंधर पार्ट 2 में क्लाइमेक्स का गाना फिर से दर्शकों को काफी पसंद आया था। अब फिल्म के म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव ने उस गाने के बनने की कहानी बताई है। उन्होंने बताया कि इस गाने से पहले वो फूट-फूटकर रोए थे।

धुरंधर फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्म बन गई है। इस फिल्म की कहानी और म्यूजिक दोनों ही लोगों को खूब पसंद आया था। धुरंधर पार्ट 2 के क्लाइमेक्स में आया गाना ‘फिर से’ दर्शकों के दिल में उतर गया। अब शेखर सुमन के साथ खास बातचीत में म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव ने उस गाने के बनने की कहानी बताई है। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से कुछ दिन पहले ही ये गाना कंपोज हुआ था। इस गाने को कंपोज करने से पहले शाश्वत फूट-फूटकर रोए थे।

‘फिर से’ गाने के बारे में शाश्वत ने क्या बताया?

शाश्वत सचदेव ने शेखर सुमन को बताया कि जब वो पहली बार गाना कंपोज करने बैठे थे वो एक इमोशनल दौर से गुजर रहे थे। उन्होंने कहा, “वो दिन आया जब हमें ये गाना कंपोज करना था। मैं बैठा और 15 से 30 मिनट तक कुछ कंपोज करने की कोशिश की, लेकिन कुछ बना नहीं। मैं उस दिन बहुत बुरी हालत में था।”

जब फूट-फूटकर रोने लगे थे शाश्वत सचदेव

शाश्वत ने आगे कहा, “लोकेश (धर) भैया जो फिल्म के प्रोड्यूसर्स में से एक थे, मेरे कमरे में आए। मैं उस दिन किसी चीज को लेकर बहुत परेशान था और मैं फूट-फूटकर रोने लगा था। हर कोई परेशान हो गया, सोचने लगा कि इसे क्या हो गया है? वो लोग अंदर आए और मुझे संभालने की कोशिश की और कहा परेशान मत हो, ये हो जाएगा। हम म्यूजिक बना लेंगे।”

गाना कंपोज करने से पहले मंदिर गए थे शाश्वत

उन्होंने आगे बताया, “उसी वक्त के आसपास हम सब लोग मंदिर गए थे। उसके बाद हम म्यूजिक रूम में वापस आए। वापस आते वक्त आदित्य(आदित्य धर) ने कहा- आप कुछ गुनगुना रहे थे ऊपर जब हम मंदिर के लिए जाने वाले थे, वो बहुत अच्छा सुनाई पड़ रहा था। मैंने कहा- हां। उन्होंने कहा- नहीं सच में, मुझे महसूस हो रहा है।” शाश्वत ने आगे कहा कि उस वक्त उन्हें लगा कि आदित्य उन्हें अच्छा महसूस कराने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इस धुन को जाने मत देना।

फिल्म रिलीज के कुछ दिन पहले ही बना था ये गाना

इसके बाद उन्होंने बताया, “फिर 13 या 14 तारीख आई, फिल्म रिलीज होने वाली थी। पहला शो 17 को था। 14 तारीख को आदित्य मेरे कमरे में आए जहां हम काम करते थे और कहा- चलो गाना बनाते हैं यार। आपके पास अब भी वो वॉइस नोट है ना? वो कमरे में आए, हमने वॉइस नोट सुना और मैंने उन्हें कुछ गाकर सुनाया, मैं बार-बार वो गुनगुनाता रहा। तब उन्होंने कहा- ये हो गया है।”

शाश्वत ने बताया कि इरशाद कामिल ने लिरिक्स लिखकर गाना पूरा किया। जब गाना आदित्य धर को सुनाया गया तो वो तुरंत समझ गए थे कि उन्होंने कुछ स्पेशल कंपोज किया है। उन्होंने शाश्वत से कहा था कि ये शाश्वत का बेस्ट गाना है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN