Source :- LIVE HINDUSTAN
अगर आपने नौकरी छोड़कर 1–2 साल का करियर ब्रेक लेने का फैसला किया है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि EPF (Employees’ Provident Fund) में जमा पैसा सुरक्षित रहेगा या नहीं। अच्छी बात यह है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी आपका EPF अकाउंट बंद नहीं होता। उसमें जमा पूरी रकम आपकी ही रहती है और अधिकांश मामलों में उस पर ब्याज भी मिलता रहता है, यानी करियर ब्रेक लेने से आपका PF अकाउंट खत्म नहीं होता। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
58 साल की उम्र तक मिलता रहेगा ब्याज
EPFO के नियमों के अनुसार, अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और कोई नई नौकरी जॉइन नहीं की है, तब भी आपके EPF अकाउंट में जमा राशि पर 58 वर्ष की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा। हालांकि, अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद नौकरी छोड़ता है, तो उसे अधिकतम 3 साल तक ही ब्याज मिलेगा। इसके बाद अकाउंट निष्क्रिय (Inoperative) हो जाता है और ब्याज मिलना बंद हो जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% सालाना ब्याज तय किया गया है। हाल ही में EPFO ने करोड़ों खातों में यह ब्याज भी जमा किया है।
नौकरी छूटने पर कितना पैसा निकाल सकते हैं?
नए EPF नियमों के तहत, नौकरी छूटने के तुरंत बाद कर्मचारी अपने EPF खाते से 75% तक राशि निकाल सकता है। बाकी 25% राशि लगातार 12 महीने बेरोजगार रहने के बाद निकाली जा सकती है। अब निकासी की गणना में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज तीनों शामिल होते हैं, इसलिए पहले की तुलना में अधिक रकम निकालना संभव हो गया है।
जल्दी पैसा निकालने पर लग सकता है टैक्स
अगर आपने लगातार 5 साल की नौकरी पूरी नहीं की है और इस दौरान EPF का पैसा निकाल लेते हैं, तो उस पर टैक्स लग सकता है। वहीं, अगर आपने 5 साल या उससे अधिक की लगातार सेवा पूरी कर ली है, तो रिटायरमेंट, इस्तीफा, दिव्यांगता, कंपनी बंद होने या अन्य योग्य परिस्थितियों में EPF की पूरी निकासी टैक्स-फ्री रहती है।
अगर ब्याज या क्लेम में देरी हो जाए तो क्या करें?
कई बार EPFO द्वारा ब्याज जमा होने के बाद भी वह पासबुक में दिखने में कुछ समय ले सकता है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती। वहीं, ऑनलाइन EPF क्लेम आमतौर पर 7 से 10 कार्य दिवस में निपटा दिए जाते हैं, बशर्ते आपका KYC पूरा हो।
अगर 20 दिनों के भीतर क्लेम का निपटारा नहीं होता, तो सदस्य EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नए नियमों के मुताबिक, बिना उचित कारण क्लेम में देरी होने पर संबंधित अधिकारी पर 12% सालाना की दर से पेनल इंटरेस्ट भी लगाया जा सकता है।
क्या करें?
अगर आप सिर्फ 1–2 साल का करियर ब्रेक ले रहे हैं और तुरंत पैसों की जरूरत नहीं है, तो EPF की रकम निकालने की बजाय उसे खाते में ही रहने देना बेहतर हो सकता है। इससे आपकी बचत पर ब्याज मिलता रहेगा और भविष्य के लिए रिटायरमेंट फंड भी मजबूत होगा।
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