Source :- LIVE HINDUSTAN
सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का खास आशीर्वाद पाने के लिए लोग अलग-अलग शिव मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो यहां के पास मौजूद 5 ज्योतिर्लिंगों के बारे में जानिए।
दिल्ली में रहते हैं और सावन में भगवान शिव के अलग-अलग मंदिरों के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो यहां दिल्ली के पास के 5 ज्योतिर्लिंगों के बारे में जानें।
भारत में अनेकों मंदिर हैं और हर मंदिर का अपना एक इतिहास है। हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत पवित्र माना जाता है। ये महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस पूरे महीने में महादेव की पूजा-अर्चना और उनसे जुड़े अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। भोलेनाथ के भक्त इस महीने में शिवालयों में भगवान शिव की कृपा और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धालु जलाभिषेक भी करते हैं। भोलेनाथ का जल अभिषेक करने के लिए भक्त अलग-अलग मंदिरों में जाते हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो जानिए दिल्ली के सबसे पास 5 ज्योतिर्लिंग कौन से हैं।
1) केदारनाथ, उत्तराखंड
दिल्ली से लगभग 450 से 470 किमी दूर केदारनाथ भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। यह चार धाम का एक प्रमुख धाम है। मंदिर तक पहुंचने के लिए गौरीकुंड से पैदल या हेलीकॉप्टर यात्रा होती है।
2) काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर लगभग 820 से 850 किमी दूर है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र और फेमस हिंदू मंदिर है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था।
3) महाकालेश्वर, उज्जैन
महाकालेश्वर दिल्ली से लगभग 750–800 किमी दूर है। ये मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मंदिर की सबसे फेमस पूजा भस्म आरती है, जो रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में होती है। इसमें शामिल होने के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग करवानी होती है।
4) ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश
दिल्ली से लगभग 950 किमी दूर है ओंकारेश्वर मंदिर। ये भारत के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के बीच ओंकार द्वीप पर स्थित है। यह द्वीप प्राकृतिक रूप से ओम के आकार का है। यहां ओंकारेश्वर के साथ-साथ नदी के दूसरे तट पर स्थित ममलेश्वर मंदिर भी उतना ही पूजनीय है।
5) बैजनाथ मंदिर, देवघर
दिल्ली से लगभग 1,200–1,300 किमी दूर बैजनाथ धाम को लेकर खास मान्यता है। कहते है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया और खुश होकर भगवान शिव ने उन्हें शिवलिंग दिया और कहा कि इसे रास्ते में कहीं नहीं रखना। यात्रा के दौरान रावण को शिवलिंग कुछ समय के लिए रखना पड़ा और वह वहीं स्थापित हो गया। यही जगह आज बैद्यनाथ धाम के रूप में फेमस है।
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