Source :- LIVE HINDUSTAN
नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन 31 जुलाई को खत्म हो चुकी है। हालांकि, अब भी कई लोग ऐसे होंगे जो ITR फाइल करने से चूक गए हैं। अगर आप भी उन लोगों में हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, अगले कुछ महीने में ऐसी डेडलाइन आने वाली है जिसके बारे में टैक्सपेयर्स को जानना जरूरी है।
31 अगस्त और 31 अक्टूबर
बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम वाले टैक्सपेयर्स जो ITR-3 या ITR-4 का इस्तेमाल करते हैं और जिनके अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके पास रिटर्न भरने के लिए 31 अगस्त तक का समय है। इसमें फ्रीलांसर, कंसल्टेंट और छोटे बिजनेस के मालिक शामिल हैं। यह अतिरिक्त महीना इस साल खास तौर पर उन बिजनेस वालों को ज्यादा समय देने के लिए शुरू किया गया था जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं है, ताकि वे अपने अकाउंट्स को क्लोज कर सकें। जिनके अकाउंट्स का सेक्शन 44AB के तहत ऑडिट होना जरूरी है, उन्हें 31 अक्टूबर तक का समय मिलता है। उनके ऑडिटर को रिटर्न भरने की तारीख से एक महीने पहले यानी 30 सितंबर तक ऑडिट रिपोर्ट फाइल करनी होती है।
31 दिसंबर: बिलेटेड ITR
अगर आप अपनी तय समय-सीमा तक आईटीआर फाइल करने से चूक गए हैं तो भी सेक्शन 139(4) के तहत ITR फाइल कर सकते हैं। यह ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल करने की प्रक्रिया है। यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध है। हालांकि, इसके लिए आपको कुछ कीमत चुकानी होगी। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है तो आपको सेक्शन 234F के तहत ₹1000 की लेट फीस देनी पड़ सकती है। अगर आय इससे अधिक है तो ₹5000 तक देने होंगे।
इसके अलावा, 31 जुलाई से बकाया टैक्स पर सेक्शन 234A के तहत हर महीने 1% की दर से ब्याज भी लगेगा। बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर आप कुछ नुकसान को भविष्य के सालों में ‘कैरी फॉरवर्ड’ (आगे ले जाने) का अधिकार खो देते हैं, हालांकि हाउस प्रॉपर्टी से हुए नुकसान को अभी भी कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है।
31 दिसंबर: संशोधित रिटर्न
सेक्शन 139(5) के तहत संशोधित रिटर्न उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिन्होंने समय पर रिटर्न फाइल किया था लेकिन बाद में उन्हें कोई गलती, कोई छूटा हुआ डिडक्शन, गलत बैंक डिटेल्स या ऐसी आय का पता चला जो पहले नहीं बताई गई थी। ऐसी किसी भी गलती को 31 दिसंबर तक रिटर्न को रिवाइज करके ठीक किया जा सकता है। संशोधित ITR की आखिरी तारीख 31 मार्च 2027 है, लेकिन 31 दिसंबर के बाद फाइल किए गए किसी भी रिवाइज्ड रिटर्न पर पेनल्टी लग सकती है।
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