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पिछले 48 घंटों में सोने-चांदी के दाम में भारी तेजी देखने को मिली है। एमसीएक्स पर सोना बुधवार रात साढ़े 11 बजे के करीब 148650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जबकि, चांदी 227490 रुपये प्रति किलो पर बंद होने में कामयाब रही। इससे पहले सोमवार रात सोना 142900 रुपये पर बंद हुआ था। यानी 48 घंटे में सोने के भाव 5750 रुपये चढ़ गए। वहीं, चांदी इस अवधि में 216506 रुपये प्रति किलो से 227590 रुपये पर पहुंच गई। यानी चांदी ने 11084 रुपये की छलांग लगा चुकी है।
फिर भी ऑल टाइम हाई से सस्ते हैं सोना-चांदी
एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था और तब से लेकर अब तक 44446 रुपये तक सस्ता हो चुका है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये है और यह 192458 रुपये सस्ता हो चुका है।
इंटरनेशल मार्केट में भी उछाल
सोने के भाव में एक प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ और यह 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। एक दिन पहले ही इसमें 4.1 फीसदी की मजबूती आई थी, जो तीन फरवरी के बाद की सबसे तेज रफ्तार है। सिंगापुर में सुबह साढ़े नौ बजे सोना 1 फीसदी चढ़कर 4,287.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी 0.2 फीसदी बढ़कर 62.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में इसमें 4 फीसदी से अधिक की तेजी आई थी।
ईरान-ओमान समझौते से बनी उम्मीद: हाल के दिनों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले छह महीनों में यह सबसे बड़ी बढ़त है, जिसकी मुख्य वजह होर्मुज को फिर से खोलने को लेकर बनी सकारात्मक संभावनाएं हैं। इस खबर ने तेल की बढ़ती कीमतों से पैदा हुए दबाव को कम कर दिया है, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी घटा है।
ट्रंप का बयान और अमेरिका-ईरान वार्ता: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और वे देखेंगे कि आगे क्या होता है। उन्होंने युद्ध के बजाय समझौते के जरिए मामले को सुलझाने की प्राथमिकता जताई। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिकी समयानुसार बुधवार तक कोई समझौता संभव है।
बाजार पर असर और ब्याज दरों की उम्मीदें: पांच महीने से चल रहे संघर्ष में सुलह की संभावनाओं ने बाजार की धारणा बदल दी है। अब निवेशकों को इस साल के अंत तक केवल एक बार ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद है, जबकि पिछले हफ्ते तक दो बार बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी। गोल्ड जैसी कीमती धातुओं के लिए ब्याज दरों में कमी सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इन पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
ईरान-अमेरिका युद्ध का सोने पर असर: फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमत लगभग पांचवें हिस्से तक गिर गई थी। इस संघर्ष ने ऊर्जा की कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया था, महंगाई बढ़ाई थी और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बढ़ा दी थी।
इनपुट: ब्लूमबर्ग
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