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आंकड़े: पीएम मोदी की अपील के बाद पेट्रोल, डीजल, LPG की खपत पर क्या पड़ा असर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत में जुलाई 2026 के महीने में ईंधन की खपत पिछले महीने (जून) की तुलना में लगभग 3% बढ़कर 1.992 करोड़ मीट्रिक टन हो गई। यह मार्च 2026 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। यह जानकारी तेल मंत्रालय के PPAC द्वारा जारी आंकड़ों से मिली है। गौरतलब है कि जून में ईंधन की खपत 1.935 करोड़ टन थी। सालाना आधार (जुलाई 2025 की तुलना) पर भी खपत में लगभग 3% की बढ़ोतरी हुई है।

यह बढ़ोतरी तब है जब पीएम मोदी की आम जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की थी। पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए सरकार ने सभी संस्थानों से कह रखा था कि वे तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं। हर संस्थान अपने मुख्यालय और शाखाओं में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों की जगह ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों का इस्तेमाल करें।

एलपीजी की खपत 7.5% से अधिक बढ़ी

जुलाई में इसकी खपत महीने-दर-महीने (जून से) 7.5% से अधिक बढ़कर 23.5 लाख टन हो गई, जो मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, सालाना आधार पर (जुलाई 2025 की तुलना में) यह लगभग 16% कम है।

पेट्रोल-डीजल की खपत 9.2% बढ़ी

जुलाई में पेट्रोल की बिक्री जून की तुलना में 0.8% और पिछले साल की तुलना में 9.2% अधिक रही। जबकि, डीजल की खपत पिछले साल (जुलाई 2025) की तुलना में तो 10% बढ़ी, लेकिन जून 2026 की तुलना में यह 6% घट गई। यह फरवरी 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

अमेरिका से LPG आयात बढ़ाने की तैयारी

पिछले सप्ताह रॉयटर्स के तीन जानकार सूत्रों ने बताया कि भारत 2027 में अपने कुल एलपीजी आयात का एक-चौथाई यानी 25% हिस्सा अमेरिका से खरीदने की योजना बना रहा है। इस कदम का उद्देश्य मध्य पूर्व (खाड़ी देशों) पर भारत की निर्भरता कम करना है और साथ ही अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने की कोशिशों को मजबूती देना है।

स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व को लेकर बड़ा फैसला

केंद्रीय राज्य मंत्री (जूनियर मिनिस्टर) सुरेश गोपी ने सोमवार को सांसदों को बताया कि भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी (ONGC) अपनी नियोजित 17.5 लाख मीट्रिक टन (लगभग 1.3 करोड़ बैरल) तेल भंडारण सुविधा का आधा हिस्सा देश की सामरिक (रणनीतिक) जरूरतों के लिए आरक्षित रखेगी।

सड़क निर्माण और अन्य ईंधनों की स्थिति

नेफ्था: इसकी बिक्री सालाना आधार पर 13.8% घट गई।

बिटुमेन : इसकी खपत सालाना आधार पर 8.5% बढ़ी, लेकिन जून 2026 की तुलना में यह लगभग 16.9% घट गई।

फ्यूल ऑयल: इसके उपयोग में पिछले महीने (जून) की तुलना में लगभग 27.6% की भारी वृद्धि दर्ज की गई।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN