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अरिहा पंगंबम ने एरोबिक जिम्नास्टिक्स में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, बनीं एशियाई चैंपियन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अरिहा पंगंबम को एरोबिक जिम्नास्टिक्स में एशियाई चैंपियन बना दिया। इस 22 वर्षीय जिम्नास्ट ने शुक्रवार को फिलीपींस के टगाएटे शहर में एशियाई चैंपियनशिप की सीनियर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।

डांस के शौक ने मणिपुर की अरिहा पंगंबम को एरोबिक जिम्नास्टिक्स में एशियाई चैंपियन बना दिया। इस 22 वर्षीय जिम्नास्ट ने शुक्रवार को फिलीपींस के टगाएटे शहर में एशियाई चैंपियनशिप की सीनियर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट बन गईं हैं। 12 साल की उम्र में एरोबिक की शुरुआत करने वाली अरिहा फाइनल में 19.100 के स्कोर के साथ चैंपियन बनीं। उन्होंने गत चैंपियन जापान की माहिरो (18.550 कांस्य ) और थाईलैंड की कोनेनी माली (18.625 रजत) को पछाड़ा।

अरिहा का सपना साकार हुआ

उन्होंने ‘आर्टिस्ट्री’ के लिए 8.650, ‘एक्जीक्यूशन’ के लिए 7.600 और ‘डिफिकल्टी’ के लिए 2.850 अंक हासिल किए। जीत के बाद उन्होंने हिन्दुस्तान से कहा, मेरे पास अपनी खुशी बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। पिछले लगातार दो बार फाइनल में पदक से चूक गई थी। इस बार पदक के लक्ष्य के साथ पहुंची थी। करियर का सबसे बड़ा खिताब जीतकर सपना साकार हो गया। इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना जीवनभर याद रहने वाला पल है। अब मेरा पूरा ध्यान विश्व चैंपियनशिप पर है। यह पदक प्रेरणा का काम करेगा। डांस के शौक ने मेरी जिंदगी बदल दी।

मामूली अंतर से चूक गई थीं : अरिहा 2022 और 2024 की एशियाई चैंपियनशिप में फाइनल में पहुंची थी। हालांकि वह मामूली अंतर से पदक से चूक कर चौथे स्थान पर रहीं थीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी जिद से नई कहानी लिख दी। उन्होंने कहा, बचपन में पहली बार जिम्नास्टिक्स फ्लोर पर कदम रखते ही मुझे महसूस हो गया था कि यह खेल मेरे जीवन को बदल देगा। मां ने कहा था जो भी करना दिल से करना। उनके यह शब्द मेरे लिए प्रेरणा बन गए।

राष्ट्रीय खेलों की हैं चैंपियन : अरिहा ने 2023 और 2025 के राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे। वह कई बार की राष्ट्रीय चैंपियन (2017 से 2025) रह चुकी हैं। एशियन कप में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।

बहन रही छठे स्थान पर : अरिहा की बहन अंजोरी इस चैंपियनशिप में छठे स्थान पर रही।

एरोबिक जिम्नास्टिक्स में संगीत की धुुन पर करते हैं प्रदर्शन

एरोबिक जिम्नास्टिक्स एक ऐसी विधा है, जिसमें खिलाड़ी संगीत की धुन पर लगातार तेज गति, लय, ताकत, लचीलापन, संतुलन और समन्वय का शानदार प्रदर्शन करते हैं। खिलाड़ी लगभग 1 मिनट 20 सेकंड से 1 मिनट 30 सेकंड तक बिना रुके संगीत के साथ अपनी प्रस्तुति देते हैं। इस दौरान उनकी तकनीक, कठिनाई (डिफिकल्टी), प्रदर्शन (एक्जीक्यूशन) और कलात्मक प्रस्तुति (आर्टिस्ट्री) के आधार पर अंक दिए जाते हैं।

● पिछले लगातार दो बार फाइनल में चूकने के बाद तीसरे प्रयास में हासिल की ऐतिहासिक सफलता

● एशियाई चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट बनीं

SOURCE : LIVE HINDUSTAN