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₹740 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिलते ही रॉकेट बना ये स्टॉक, शेयर पर निवेशकों की नजर; क्या आपने लगाया दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

स्मॉल कैप कंपनी क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज (Krystal Integrated Services) के शेयरों में मंगलवार 11 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी को महाराष्ट्र सरकार की ओर से कुल ₹740 करोड़ के दो नए ऑर्डर मिलने की खबर सामने आने के बाद निवेशकों की नजर इस शेयर पर गई। कारोबार के दौरान क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज (Krystal Integrated Services) का शेयर करीब 4.14% तक चढ़कर ₹633.90 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। मंगलवार को शेयर ने ₹611.85 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि सोमवार को इसका पिछला बंद भाव ₹602.55 था। नए ऑर्डर को कंपनी के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे उसके ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने और आने वाले वर्षों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद बढ़ती है।

महाराष्ट्र सरकार से मिले ₹740 करोड़ के दो ऑर्डर

कंपनी ने 10 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग और महाराष्ट्र शहरी विकास मिशन निदेशालय के स्वच्छ महाराष्ट्र मिशन (U) 2.0 के तहत दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इन परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP, I&D और सीवर नेटवर्क का विकास किया जाना है। ये काम EPC (Engineering, Procurement and Construction) आधार पर किए जाएंगे। दोनों परियोजनाएं महाराष्ट्र के पुणे और नागपुर रेवेन्यू डिविजन से जुड़ी हैं और बिड-कैटेगिरी-II के तहत आती हैं। इन सेक्टर्स में 5 MLD या उससे अधिक क्षमता वाले STP से जुड़े शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं।

दोनों ऑर्डर की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹740 करोड़, GST सहित है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए LC इंफ्रा–क्रिस्टल संघ का हिस्सा है। LIPPL इस कंसोर्टियम की लीड मेंबर है, जबकि क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेस को टेक्निकल मेंबर की भूमिका मिली है। कंपनी की कंसोर्टियम में 40% हिस्सेदारी बताई गई है। उपलब्ध आंकड़े के आधार पर ₹740 करोड़ के कुल कॉन्ट्रैक्ट में 40% हिस्सा करीब ₹296 करोड़ बैठता है। इसलिए इसे कंपनी की पूरी ₹740 करोड़ की ऑर्डर वैल्यू के बराबर सीधे कंपनी की आय मानना सही नहीं होगा। दोनों कॉन्ट्रैक्ट की अवधि दो साल है।

ऑर्डर मिलने के बाद क्यों बढ़ा शेयर?

निवेशक आमतौर पर किसी कंपनी के लिए नए बड़े ऑर्डर को भविष्य की कमाई और ऑर्डर बुक के नजरिए से देखते हैं। क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज़ (Krystal Integrated Services) के मामले में भी यही वजह शेयर में तेजी का एक प्रमुख कारण रही। बड़े सरकारी प्रोजेक्ट से कंपनी को अगले कुछ सालों के लिए कारोबार की विजिबिलिटी मिल सकती है। खासकर ऐसे समय में जब कंपनी सरकारी और कॉरपोरेट दोनों सेक्टर्स में नए प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए लगातार बोली लगा रही है।

कंपनी के मुताबिक FY27 की शुरुआत में उसके अवसरों का पाइपलाइन काफी तेजी से बढ़ा है। कंपनी सरकारी और कॉरपोरेट दोनों सेगमेंट में RFPs (Request for Proposals) में पहले की तुलना में ज्यादा भाग ले रही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह केवल ऑर्डर का साइज बढ़ाने के लिए बोली नहीं लगा रही, बल्कि ऐसे प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे रही है जिनसे मार्जिन बेहतर रह सके। इसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ तेजी से ऑर्डर बुक बढ़ाने के बजाय प्रॉफिटेबिलिटी और प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की कोशिश कर रही है।

कंपनी के Q1 FY27 नतीजे कैसे रहे?

क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज़ (Krystal Integrated Services) ने जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में भी कारोबार में बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का Q1 FY27 में ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹360.71 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹323.08 करोड़ से करीब 11.65% ज्यादा है, यानी कंपनी के कारोबार में सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि देखने को मिली।

कंपनी का EBITDA भी बढ़ा। Q1 FY27 में EBITDA करीब ₹22.80 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹21.35 करोड़ था। इसमें करीब 6.76% की सालाना वृद्धि हुई। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि EBITDA बढ़ने के बावजूद EBITDA मार्जिन 6.61% से घटकर 6.32% रह गया। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई बढ़ी जरूर, लेकिन कुल बिक्री के मुकाबले ऑपरेटिंग मुनाफे का अनुपात थोड़ा कम हुआ।

वहीं, कंपनी का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (Profit After Tax- PAT) ₹17.36 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹16.33 करोड़ से करीब 6.30% अधिक है। हालांकि, PAT मार्जिन भी 5.06% से घटकर 4.81% हो गया। इसलिए, निवेशकों के लिए सिर्फ मुनाफे में बढ़ोतरी देखना पर्याप्त नहीं होगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना भी जरूरी होगा कि नए ऑर्डर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन पर कितना असर डालते हैं।

कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ा

क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज़ (Krystal Integrated Services) के वार्षिक आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY23 में करीब ₹711 करोड़ था, जो FY26 में बढ़कर करीब ₹1,277 करोड़ हो गया, यानी कुछ सालों में कंपनी के कारोबार का आकार काफी बढ़ा है। नए सरकारी प्रोजेक्ट मिलने से इस ग्रोथ को आगे भी समर्थन मिल सकता है।

कंपनी के CEO और व्होल टाइम डायरेक्टर संजय दिघे के मुताबिक FY27 में सरकारी और कॉरपोरेट दोनों क्षेत्रों में अवसरों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ज्यादा RFPs में हिस्सा ले रही है और लंबे समय के प्रोजेक्ट हासिल करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य केवल बड़े ऑर्डर हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रोजेक्ट चुनना है, जो भविष्य में मुनाफे में योगदान करें और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को कमजोर न करें।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

₹740 करोड़ के ऑर्डर से कंपनी को निश्चित तौर पर कारोबारी अवसर और ऑर्डर बुक के लिहाज से फायदा मिल सकता है, लेकिन केवल ऑर्डर मिलने के आधार पर शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की ऑर्डर बुक, कंसोर्टियम में वास्तविक हिस्सेदारी, प्रोजेक्ट से मिलने वाली आय, EBITDA मार्जिन, PAT मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य के ऑर्डर पर नजर रखनी चाहिए। स्मॉल कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव भी बड़े शेयरों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।

महाराष्ट्र सरकार से मिले दो नए प्रोजेक्ट क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज़ (Krystal Integrated Services) के लिए एक सकारात्मक कारोबारी खबर हैं। शेयर में करीब 4% की तेजी इसी उत्साह को दर्शाती है। लेकिन, आगे कंपनी इन प्रोजेक्ट को कितनी कुशलता से पूरा करती है, उसका हिस्सा कितना राजस्व और मुनाफा पैदा करता है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन किस दिशा में जाता है। ये बातें शेयर के अगले प्रदर्शन के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होंगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN