सुप्रीम कोर्ट ने Karnataka को Cauvery Water Management Authority (CWMA) द्वारा Tamil Nadu को Cauvery जल छोड़ने के संबंध में जारी निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है। अदालत ने CWMA से स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है और Tamil Nadu की याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख तय की है।
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## पीठ की सुनवाई और याचिका का संदर्भ
Justices Vikram Nath और Sandeep Mehta की दो सदस्यीय पीठ ने Tamil Nadu द्वारा दायर उस आवेदन पर विचार किया, जिसमें Karnataka को पानी छोड़ने का निर्देश देने वाले CWMA के आदेशों को लागू कराने की मांग की गई थी।
Tamil Nadu की ओर से पेश Senior Advocate C.S. Vaidyanathan ने दावा किया कि Karnataka, CWMA के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। Tamil Nadu का कहना है कि उसे अब तक केवल 14 TMC (हजार मिलियन घन फीट) पानी मिला है, जबकि Cauvery Water Disputes Tribunal के फैसले के आधार पर वह 64 TMC पानी का हकदार था। इस मौसम में प्रवाह में आई कमी को ध्यान में रखते हुए Tamil Nadu का कहना है कि उसे 55.29% पानी मिलना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय लगभग 20 TMC की कमी है।
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## Karnataka का जवाब
Karnataka की ओर से पेश Senior Advocate Shyam Divan ने अनुपालन न करने के दावे का खंडन किया। उन्होंने Cauvery basin में व्याप्त गंभीर संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि CWMA ने अपने निर्देशों में इस स्थिति को ध्यान में रखा था।
3,500 cusecs पानी 15 दिनों तक, यानी 11 अगस्त तक, छोड़ने के निर्देश के संबंध में Divan ने कहा कि राज्य ने न केवल इस दायित्व को पूरा किया, बल्कि निर्धारित मात्रा से अधिक पानी भी छोड़ा।
12 अगस्त को जारी बाद के आदेश में 12,000 cusecs पानी का प्रवाह सुनिश्चित करने को कहा गया था। इस पर Karnataka ने शुरुआती 4-5 दिनों में लगभग 6,000 cusecs पानी छोड़े जाने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि आगे चलकर इस कमी की भरपाई कर दी जाएगी। Divan ने कहा कि सोमवार सुबह तक पानी छोड़ने की मात्रा बढ़कर 12,607 cusecs हो गई थी और जलाशयों के गेट खोल दिए गए थे। उन्होंने राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों के बावजूद CWMA द्वारा निर्धारित प्रवाह बनाए रखने के लिए Karnataka के प्रयासों का आश्वासन दिया।
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## सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और अगले कदम
पीठ ने Karnataka से पूछा कि क्या वह वास्तव में 12,000 cusecs पानी छोड़ने के निर्देश का पालन कर रहा है और स्पष्ट किया कि कुछ और दिनों के बाद इस मुद्दे की समीक्षा की जाएगी। अदालत ने Karnataka को CWMA के आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई। मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी, ताकि पानी छोड़े जाने से संबंधित नवीनतम अपडेट अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकें।
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## पृष्ठभूमि: CWMA के आदेश और तकनीकी आवश्यकताएं
Tamil Nadu ने 3 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की थी। इससे पहले CWMA ने 30 जुलाई को Karnataka को 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 cusecs Cauvery पानी छोड़ने का निर्देश दिया था।
इस निर्देश के तहत 12 अगस्त तक कुल 4.536 TMC पानी छोड़ा जाना था। Tamil Nadu की मांग पूरी करने के लिए Kabini और Krishna Raja Sagara सहित प्रमुख जलाशयों से पानी छोड़ा जाना था।
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## व्यापक विवाद का संदर्भ
यह विवाद Karnataka और Tamil Nadu के बीच Cauvery River water sharing को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेद का हिस्सा है। कानूनी अधिकार Cauvery Water Disputes Tribunal के फैसले पर आधारित हैं, जिसके आधार पर CWMA ने ये आदेश जारी किए हैं। Tamil Nadu का कहना है कि मौसमी प्रवाह में होने वाले बदलावों को देखते हुए उसकी मौजूदा जरूरतें और उसके कानूनी अधिकार पूरे नहीं किए जा रहे हैं।
Tamil Nadu की याचिका के अलावा, Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने भी इसी तरह का एक आवेदन दायर किया है।
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## प्रभाव और महत्व
CWMA के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना न केवल Tamil Nadu की कृषि और downstream जल आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराज्यीय जल विवादों के निपटारे के लिए स्थापित वैधानिक व्यवस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए भी आवश्यक है। Karnataka का सहयोग—या सहयोग की कमी—अंतरराज्यीय संबंधों को प्रभावित कर सकती है और आगे न्यायिक निगरानी का कारण बन सकती है। इसके अतिरिक्त, इन विवादों का जल नीति, सूखा-प्रवण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और Tribunal या Authority के आदेशों का पालन करने को लेकर basin states की जिम्मेदारियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
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## किन बातों पर नजर रहेगी
– सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार CWMA की नई status report
– आने वाले दिनों में 12,000-cusecs निर्देश के प्रति Karnataka का अनुपालन स्तर
– 24 अगस्त के बाद सूचीबद्ध अगले सोमवार की सुनवाई का परिणाम
– पानी छोड़े जाने की मात्रा में किसी भी अंतर के लिए Karnataka की ओर से दिया जाने वाला तकनीकी आधार
– क्या Tamil Nadu द्वारा बताई गई लगभग 20 TMC पानी की कमी को पूरा किया जाएगा
इस मामले की सुनवाई MA 2445/2026 in CA No. 2453/2007 and Diary No. 46527/2026: State of Tamil Nadu vs State of Karnataka शीर्षक के तहत हो रही है।
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