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Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर गाएं श्री कृष्ण के ये 5 भजन, भक्तिमय माहौल के लिए नोट करें बोल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जन्माष्टमी के दिन को श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन माहौल पूरी तरह से भक्तिमय होता है और ऐसे में आपको कुछ भजनों के साथ इसे और ज्यादा आनंदमय बनाना चाहिए। यहां हम श्री कृष्ण के 5 ट्रेंडी भजनों के लिरिक्स बता रहे हैं, पढ़िए।    

हिंदू धर्म के पवित्र त्योहारों में से एक जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर को मनाई जाएगी। ये दिन भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर कान्हा के बाल रूप लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। इस दिन चारों तरफ भक्तिमय माहौल होता है और जगह-जगह पर कीर्तन भी होते हैं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रेंडी कृष्ण भजनों के लिरिक्स बता रहे हैं। पढ़िए-

1) अच्चुतम केशवं भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता हे भगवान आते नहीं,

तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता है भगवान खाते नहीं,

बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता है भगवान सोते नहीं,

मां यशोदा के जैसे सुलाते नहीं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,

गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

नाम जपते चलो काम करते चलो,

हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

याद आएगी उनको कभी ना कभी,

कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

2) मेरे बांके बिहारी लाल भजन

मेरे बांके बिहारी लाल,

तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ।

तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा पीला पटका ।

तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी

मेरे बांके बिहारी लाल

तेरी मुरलिया पे मन मेरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा नीला पटका ।

तेरे गुंगार वाले बाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी

मेरे बांके बिहारी लाल।

तेरी कमरिया पे मन मोरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा काला पटका ।

तेरे गल में वैजयंती माल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी

मेरे बांके बिहारी लाल

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी

3) नंद के आनंद भयो भजन

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की

नंद के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की

नंद के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की

हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की

4) श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी भजन

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा।

हे नाथ नारायण…

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

हे नाथ नारायण

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

बंदी गृह के, तुम अवतारी

कही जन्मे, कही पले मुरारी

किसी के जाये, किसी के कहाये

है अद्भुद, हर बात तिहारी

है अद्भुद, हर बात तिहारी

गोकुल में चमके, मथुरा के तारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे

बट गए दोनों में, आधे आधे

हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल

सदैव भक्तों के, काम साधे

सदैव भक्तों के, काम साधे

वही गए वही, गए वही गए

जहां गए पुकारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

गीता में उपदेश सुनाया

धर्म युद्ध को धर्म बताया

कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा

यह सन्देश तुम्ही से पाया

अमर है गीता के बोल सारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा

त्वमेव माता च पिता त्वमेव

त्वमेव बंधू सखा त्वमेव

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव

त्वमेव सर्वं मम देव देवा

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

राधे कृष्णा राधे कृष्णा

राधे राधे कृष्णा कृष्णा

राधे कृष्णा राधे कृष्णा

राधे राधे कृष्णा कृष्णा

हरी बोल, हरी बोल,

हरी बोल, हरी बोल

राधे कृष्णा राधे कृष्णा

राधे राधे कृष्णा कृष्णा

राधे कृष्णा राधे कृष्णा

राधे राधे कृष्णा कृष्णा

5) वृन्दावन जाऊंगी सखी वृन्दावन जाऊंगी

वृन्दावन जाऊंगी सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मेरे उठे विरह की पीड़ सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मुरली बाजे यमुना तीर सखी वृन्दावन जाऊंगी

श्याम सलौनी सूरत पे दीवानी हो गई,

अब कैसे धारूं धीर सखी सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊंगी

छोड़ दिया मेने भोजन पानी श्याम की याद में,

मेरे नैन बरसे नीर सखी वृन्दावन जाऊंगी,

हो मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मुरली बाजे यमुना तीर सखी वृन्दावन जाऊंगी

इस दुनियां के रिश्ते नाते सब ही तोड़ दिए,

तुझे कैसे दिखाऊं दिल चीर सखी वृन्दावन जाऊंगी,

हो मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मुरली बाजे यमुना तीर सखी वृन्दावन जाऊंगी

नैन लड़े मेरे गिरधारी से बावरी हो गई,

दुनिया से हुयी अनजान सखी वृन्दावन जाऊंगी,

हो मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊंगी,

मुरली बाजे यमुना तीर सखी वृन्दावन जाऊंगी

SOURCE : LIVE HINDUSTAN